नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। भारत के लिए ओलंपिक में विजयी ध्वज लहराने वाले जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा आज 27 साल के हो गए हैं। उनका जन्म 24 दिसंबर 1997 को हरियाणा में हुआ था। इसके बाद उन्होंने जेवलिन को अपना जुनून बना लिया। उनकी कड़ी मेहनत का फल इस तरह मिला कि साल 2021 में टोक्यो ओंलपिक में गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। साल 2023 में उन्होंने वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
Paris Olympic में गोल्ड जीतकर बने देश के लाडले
पेरिस ओलंपिक में अपने फाइनल मुकाबले में नीरज चोपड़ा ने अपना नाम खेल इतिहाल में स्वर्ण अक्षरों में लिख दिया। उन्होंने अपने पहले ही मौके में 87.03 मीटर जेवलिन थ्रो करके अपना मेडल लगभग पक्का कर लिया था। इसके बाद अगले मौके में उन्होंने 87.58 मीटर भाला फेंका और मेडल पर अपना नाम लिख दिया। इसके अलावा तीसरी कोशिश में वह केवल 76.79 मीटर दूर ही भाला फेंक पाए थे जबकि बाकी दोनों प्रयास फाउल साबित हुए। इससे पहले वह 2022 में विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीत चुके हैं और साल 2023 में विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी गोल्ड मेडल अपने नाम किया था।
नीरज जेवलिन थ्रो को पसंद नहीं करते थे
नीरज चोपड़ा अपने बचपन में किसी भी खेल में रुचि नहीं रखते थे। उनका पूरा परिवार उनके बढ़ते वजन की वजह से चिंता में रहता था। जब उनकी उम्र 11 साल थी तो उन्हें स्टेडियम भेजना शुरु कर दिया था जहां से उनकी रुचि जेवलिन थ्रो के लिए पनपी। नीरज चोपड़ा वहां जाने माने एथलीट जयवीर से मिले जिनके कहने पर भी नीरज से पहली बार भाला पकड़ा था। बस यहीं से नीरज चोपड़ा के चैंपियन बनने की कहानी शुरु हुई थी।





