नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी और स्टार बल्लेबाज केएल राहुल ने अपने संन्यास को लेकर बड़ा और साफ बयान दिया है। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन के साथ खास बातचीत में राहुल ने कहा कि उनके मन में एक बार संन्यास का विचार जरूर आया था, लेकिन उन्हें पता है कि अभी उसका समय नहीं आया है। राहुल ने यह भी साफ कर दिया कि जब उन्हें लगेगा कि अब आगे खेलने का मतलब नहीं है, तो वह बिना शोर-शराबे के चुपचाप क्रिकेट छोड़ देंगे।
”संन्यास लेना मुश्किल फैसला नहीं होगा”
केएल राहुल ने कहा, “मैंने इसके बारे में सोचा है। मुझे नहीं लगता कि संन्यास लेना कोई बहुत मुश्किल फैसला होगा। अगर आप खुद के प्रति ईमानदार हैं, तो जब समय आता है, उसे टालने का कोई मतलब नहीं होता। 33 वर्षीय राहुल ने यह भी जोड़ा कि अभी इसमें कुछ समय बाकी है, लेकिन जब वक्त आएगा तो वह देर नहीं करेंगे। राहुल का मानना है कि क्रिकेट के बाहर भी जिंदगी बहुत बड़ी है। उन्होंने कहा,”बस चुपचाप खेलना छोड़ दो और जो तुम्हारे पास है, उसका आनंद लो। तुम्हारा परिवार है, वही सबसे अहम है। उन्होंने बताया कि वह खुद को सुपरस्टार नहीं मानते, इसलिए भविष्य में संन्यास का फैसला लेना उनके लिए आसान होगा। राहुल ने कहा कि क्रिकेट उनके बिना भी चलता रहेगा, देश और दुनिया में खेल कभी नहीं रुकेगा।
”पिता बनने के बाद बदली सोच”
केएल राहुल ने यह भी बताया कि पिता बनने के बाद जीवन को देखने का नजरिया पूरी तरह बदल गया है। अब वह सिर्फ क्रिकेट ही नहीं, बल्कि परिवार और निजी जिंदगी को भी उतनी ही अहमियत देते हैं। राहुल ने अपने करियर के सबसे कठिन दौर पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि बार-बार चोटिल होना शारीरिक से ज्यादा मानसिक लड़ाई होती है। उनके शब्दों में यह वो दर्द नहीं है जो फिजियो या सर्जन देते हैं, यह मानसिक द्वंद्व है। जब चोट बार-बार होती है, तो मन कहता है कि तुमने बहुत कुछ हासिल कर लिया है, अब रुक जाना चाहिए। उन्होंने माना कि ऐसे वक्त में दिमाग हार मानने लगता है, लेकिन उन्होंने खुद को संभाला और वापसी की।





