IND vs NZ 3rd ODI: भारत और न्यूजीलैंड के बीच इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेला गया तीसरा और निर्णायक वनडे मुकाबला टीम इंडिया के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं रहा। 18 जनवरी को खेले गए इस मैच में न्यूजीलैंड ने भारत को 41 रन से हराकर सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली. इसके साथ ही कीवी टीम ने इतिहास रच दिया, क्योंकि यह पहली बार था जब न्यूजीलैंड ने भारतीय सरजमीं पर कोई वनडे सीरीज जीती। इस मुकाबले में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 337 रन बनाए. जवाब में भारतीय टीम बड़े लक्ष्य के दबाव में बिखर गई और 296 रन पर ऑलआउट हो गई. यह हार सिर्फ एक मैच की हार नहीं थी, बल्कि कई बड़ी गलतियों और सीनियर खिलाड़ियों के कमजोर प्रदर्शन का नतीजा रही।
रोहित शर्मा की नाकामी बनी बड़ी वजह
बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया को अपने सबसे अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा से तेज और मजबूत शुरुआत की उम्मीद थी। लेकिन पूर्व कप्तान सिर्फ 11 रन बनाकर आउट हो गए। पूरी सीरीज में रोहित का बल्ला खामोश रहा, जिससे भारत की शुरुआत बार-बार कमजोर होती गई। उपकप्तान श्रेयस अय्यर से मिडिल ऑर्डर को संभालने की उम्मीद थी, लेकिन वह सिर्फ 3 रन बनाकर पवेलियन लौट गए. बड़े स्कोर के दबाव में उनसे संयम भरी पारी की दरकार थी, जो देखने को नहीं मिली।
रविंद्र जडेजा का फ्लॉप शो
ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा इस अहम मुकाबले में बल्ले और गेंद दोनों से असफल रहे. गेंदबाजी में उन्होंने 6 ओवर में 41 रन दे दिए और कोई विकेट नहीं ले सके. वहीं बल्लेबाजी में विराट कोहली का साथ देने के बजाय जडेजा 12 रन बनाकर गैर जरूरी शॉट खेलते हुए आउट हो गए। दूसरे वनडे में शानदार शतक लगाने वाले केएल राहुल से तीसरे मैच में भी बड़ी पारी की उम्मीद थी. लेकिन वह सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हो गए। अगर राहुल विराट कोहली के साथ कुछ देर टिक जाते, तो मैच का रुख भारत के पक्ष में जा सकता था। गेंदबाजी में कुलदीप यादव भी अपनी छाप छोड़ने में नाकाम रहे. उन्होंने 6 ओवर में 48 रन खर्च किए और सिर्फ एक विकेट हासिल किया. मिडिल ओवरों में रन रोकने में उनकी नाकामी ने न्यूजीलैंड को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।





