नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । भारत बनाम इंग्लैंड के बीच जारी टेस्ट सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला लॉड्स क्रिकेट ग्राउंड में खेला जा रहा है। सोमवार को तीसरे टेस्ट मैच का आखिरी यानी पांचवां दिन है। चार दिन के खेल के बाद भी अभी तक ये साफ नहीं हो पा रहा है कि कौन सी टीम भारी पड़ रही और कौन सी टीम पीछे है। इस बीच कप्तान शुभमन गिल के एक फैसले से टीम इंडिया फंसती हुई नजर आ रही है।
भारतीय टीम के युवा बल्लेबाज और कप्तान शुभमन गिल ने चौथे दिन आखिरी वक्त में एक और ऐसा फैसला किया, जो टीम इंडिया को उल्टा पड़ गया। कहीं ना कहीं इस फैसले ने टीम इंडिया को बुरी तरह से इस मैच में फंसा दिया है।
भारत को आखिरी पारी में बनाने हैं 193 रन
लॉर्ड्स टेस्ट मैच की पहली पारी में दोनों टीमों ने बराबर रन बनाए। यानी ना तो किसी को बढ़त मिली और ना ही कोई टीम पीछे रही। ऐसे में मैच का निर्णय दूसरी पारी के आधार पर ही होना है। इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी में 192 रन बनाए हैं। यानी टीम इंडिया को अगर ये मैच जीतना है तो 193 रन बनाने होंगे। वैसे देखें तो ये टारगेट बहुत छोटा लग रहा था, लेकिन जब भारत के एक के बाद एक विकेट गिरने शुरू हुए तो ये काफी बड़ा नजर आने लगा।
जायसवाल ने फिर खेला लापरवाही भरा स्ट्रोक
टीम के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल दूसरे ही ओवर में एक गैर-जिम्मेदाराना स्ट्रोक खेलकर आउट हो गए। जायसवाल इस पारी में अपना खाता भी नहीं खोल पाए। इसके बाद केएल राहुल और करुण नायर ने टीम को संभालने की कोशिश की। राहुल तो अभी भी नाबाद हैं, लेकिन करुण की कहानी में कोई बदलाव नहीं आ रहा है। वे भी आए कुछ देर तक खेले फिर आउट होकर चले जाते हैं।
वही, टीम के युवा बल्लेबाज और कप्तान शुभमन गिल भी केवल 6 रन ही बना सके और आउट होकर पवेलियन लौट गए। लेकिन इस बीच एक हैरान करने वाला फैसला लिया गया। जब तीन से चार ओवर बाकी थे, तब नाइटवॉच मैच को बुला लिया गया।
आकाश दीप को क्यों बनाया नाइटवॉच मैन?
टीम इंडिया का जब तीसरा विकेट गिरा तब हर बार की तरह इस बार भी ऋषभ पंत को आना था, लेकिन आकाश दीप को भेज दिया गया। आकाश दीप से ये उम्मीद की जा रही थी कि वे आज के ओवर खत्म करा देंगे, उसके बाद अगले दिन देखा जाएगा कि क्या करना है। लेकिन इससे पहले कि ओवर खत्म हो पाते आकाश दीप आउट हो गए। आकाश दीप ने एक ही रन बनाया।
इससे आगे कमाल की बात ये है कि जो काम बल्लेबजों को करना चाहिए वो काम एक गेंदबाज को करने के लिए भेज दिया गया। हो सकता है कि अगर नंबर पांच पर ऋषभ पंत खेलने के लिए आते तो भारत का कोई भी विकेट ना गिरता और भारत तीन विकेट पर 58 रन पर दिन खत्म करता, लेकिन शुभमन गिल की वजह से 4 विकेट गिर गए और हासिल भी कुछ नहीं हुआ।





