नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । भारतीय क्रिकेट टीम भले ही टेस्ट सीरीज में 1-2 से पीछे चल रही हो, लेकिन हर मुकाबले में उन्होंने इंग्लैंड को जबरदस्त टक्कर दी है। बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया, हालांकि गेंदबाजी थोड़ी कमजोर दिखी। मैनचेस्टर टेस्ट के आखिरी दिन एक विवाद तब खड़ा हुआ जब इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने मैच खत्म करने की मांग की। उस समय रवींद्र जडेजा और वाशिंगटन सुंदर अपने-अपने शतक के बेहद करीब थे। भारत ने खेल जारी रखने का फैसला किया, जिससे इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स, जैक क्रॉली और बेन डकेट नाराज हो गए। जैक क्रॉली ने तो इसे “शर्मनाक” तक बता दिया। अब इस विवाद पर पूर्व भारतीय बल्लेबाज रॉबिन उथप्पा ने इंग्लिश खिलाड़ियों की आलोचना की है।
इंग्लिश खिलाड़ियों पर भड़के रॉबिन उथप्पा, जानिए क्या कहा ?
अपने यूट्यूब चैनल पर लाइव बातचीत के दौरान उथप्पा ने कहा “बातचीत करने में कोई बुराई नहीं है, ठीक है, समय कम बचा है तो पूछा जा सकता है कि क्या हम बाहर जा सकते हैं? लेकिन अगर कोई शतक के करीब है और मना करता है, तो ये उसका पूरा हक है। लेकिन इंग्लैंड के खिलाड़ी तो पीछे ही पड़ गए। जैक क्रॉली, बेन डकेट जैसे खिलाड़ी, कर क्या रहे थे?”
उथप्पा ने टेस्ट शतक के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा “टेस्ट शतक, टेस्ट शतक होता है। क्रिकेट खेलने वाले सिर्फ 1-2% खिलाड़ी ही इसे हासिल कर पाते हैं। मुझे यह बहुत अजीब लगा, जैसे भारतीयों को बताया जा रहा हो कि उन्हें क्या करना है, क्या सोचना है।” इस पर उन्होंने एक तीखा उदाहरण भी दिया “यह वैसा ही है जैसे कोई आपसे कहे कि तुम नॉनवेज नहीं खा सकते क्योंकि यह हमारी नैतिकता के विरुद्ध है। अगर मैं नॉनवेज खाता हूं और आप वेजिटेरियन हो, तो दोनों अपनी-अपनी जगह खुश रह सकते हैं। आपको इससे दिक्कत क्यों?”
टेस्ट में ड्रॉ होते ही भड़के थे इंग्लिश खिलाड़ी
मैनचेस्टर में खेले गए चौथे टेस्ट में भारत की हार तय मानी जा रही थी, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने पांच सेशन तक डटकर बल्लेबाजी की और मैच को ड्रॉ करा दिया। भले ही यह स्कोरशीट पर भारत की जीत नहीं थी, लेकिन इंग्लैंड के लिए यह एक मानसिक हार बन गई। इसी बौखलाहट में इंग्लिश खिलाड़ियों ने मैच के अंतिम दिन एक नया विवाद खड़ा किया। जब रवींद्र जडेजा और वाशिंगटन सुंदर अपने-अपने शतक के करीब थे, तब इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स हाथ मिलाने पहुंचे, ताकि मैच समाप्त घोषित किया जा सके।
हालांकि, शुभमन गिल ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया। भले ही भारत के पास जीत का मौका नहीं था, लेकिन कप्तान और टीम का मानना था कि जडेजा और सुंदर को उनका शतक पूरा करने का पूरा हक है। और हुआ भी ऐसा ही। दोनों खिलाड़ियों ने अपने-अपने शतक पूरे किए, जिनमें वाशिंगटन सुंदर की यह पहली अंतरराष्ट्रीय सेंचुरी रही। इससे पहले शुभमन गिल ने भी शानदार शतक जड़ा था, जबकि केएल राहुल ने 90 रनों की अहम पारी खेली थी।




