नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । एशिया कप ट्रॉफी विवाद के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन और देश के गृह मंत्री मोहसिन नकवी पर चौतरफा दबाव बढ़ता जा रहा है। अब पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी भी खुलकर उनके खिलाफ सामने आ गए हैं। अफरीदी ने मोहसिन नकवी को दो टूक सलाह दी है कि वे दो अहम पदों में से किसी एक को छोड़ दें। शाहिद अफरीदी का कहना है कि मोहसिन नकवी न तो क्रिकेट की समझ रखते हैं और न ही उन्हें ऐसे सलाहकार मिले हैं जो क्रिकेट की गहराई को समझते हों। उन्होंने आरोप लगाया कि मोहसिन नकवी दोनों जिम्मेदारियों गृह मंत्रालय और पीसीबी चेयरमैनशिप को ठीक से निभाने में असफल साबित हुए हैं और इससे पाकिस्तान क्रिकेट को नुकसान हो रहा है।
अफरीदी के मुताबिक, क्रिकेट जैसे संवेदनशील और पेशेवर खेल को पूरा समय और समर्पण चाहिए, जो वर्तमान में नहीं दिख रहा है। ट्रॉफी विवाद ने केवल पाकिस्तान की छवि को धक्का नहीं दिया, बल्कि यह भी साफ किया कि बोर्ड के शीर्ष पर प्रशासनिक गंभीरता की कमी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अफरीदी का कहना है कि मोहसिन नकवी दोनों जिम्मेदारियों को एक साथ नहीं संभाल पा रहे हैं और यह क्रिकेट के हित में नहीं है। अफरीदी ने साफ कहा है कि मेरी मोहसिन नकवी साहब से गुजारिश है कि आपके पास दो बहुत अहम पद हैं। दोनों बड़े काम हैं और इनमें समय देना पड़ता है। PCB एक अलग संस्था है और गृह मंत्रालय एकदम अलग। इन दोनों को अलग रखना चाहिए। अफरीदी ने यह भी कहा कि स्थिति को और बिगड़ने से पहले मोहसिन नकवी को तुरंत फैसला लेना चाहिए।
उधर, पाकिस्तान टीम की बल्लेबाजी और रणनीति पर भी सवाल उठ रहे हैं। टूर्नामेंट में उपविजेता रहने के बावजूद भारत के खिलाफ बार-बार हार से PCB की कार्यशैली और टीम प्रबंधन दोनों की आलोचना तेज हो गई है। मोहसिन नकवी के बोर्ड संचालन पर अब कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
“नकवी को क्रिकेट की समझ नहीं, सलाहकार भी दिशाहीन”
शाहिद अफरीदी ने मोहसिन नकवी की क्रिकेट समझ, सलाहकारों की भूमिका, और प्रशासनिक रवैये पर तीखा हमला बोला है। अफरीदी ने एक इंटरव्यू में कहा कि “पाकिस्तान क्रिकेट को खास ध्यान और समय की जरूरत है। नकवी साहब पूरी तरह सलाहकारों पर निर्भर हैं, जो उन्हें कहीं नहीं ले जा रहे। खुद मोहसिन नकवी भी मानते हैं कि उन्हें क्रिकेट की ज्यादा जानकारी नहीं है। उन्हें ऐसे सलाहकारों की जरूरत है, जो खेल को समझते हों।” अफरीदी का यह बयान सिर्फ मीडिया तक सीमित नहीं रहा। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने इस मसले पर देश के सेना प्रमुख तक को सुझाव दे दिया कि मोहसिन नकवी को कम से कम एक पद छोड़ देना चाहिए, ताकि वे दूसरे पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर सकें।
ट्रॉफी विवाद ने बिगाड़ा माहौल
एशिया कप 2025 फाइनल में पाकिस्तान टीम की हार के बाद मोहसिन नकवी ने खुद ट्रॉफी देने की जिद की थी। लेकिन भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव और पूरी टीम ने उनसे ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद मोहसिन नकवी ने ट्रॉफी और मेडल्स को स्टेडियम से हटाने का आदेश दिया और नाराज होकर मैदान छोड़ दिया। इस घटनाक्रम ने खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों के लिए जश्न का माहौल फीका कर गया।





