नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । जयपुर की कचनार चौधरी, जो पेशे से एक थानेदार हैं, खेल के मैदान में भी लगातार कमाल कर रही हैं। उन्होंने हाल ही में चेन्नई में आयोजित सीनियर नेशनल इंटर स्टेट चैम्पियनशिप में 15.75 मीटर शॉटपुट फेंक कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इससे पहले वह स्टेट चैम्पियनशिप में भी 14.98 मीटर की दूरी के साथ गोल्ड जीत चुकी हैं। उनका प्रदर्शन हर प्रतियोगिता के साथ और निखरता जा रहा है। हालांकि कचनार मानती हैं कि वह अभी अपने बेस्ट प्रदर्शन तक नहीं पहुंची हैं, जिसका लक्ष्य है ओलिंपिक में क्वालिफाई करना। खास बात यह है कि इस चैम्पियनशिप में टॉप-10 में राजस्थान की चार अन्य महिला खिलाड़ियों ने भी जगह बनाई, जो राज्य के लिए गर्व की बात है।
अमेरिका में लहराया तिरंगा
राजस्थान पुलिस की अफसर कचनार चौधरी ने अमेरिका में आयोजित वर्ल्ड पुलिस गेम्स में शॉटपुट में 14.98 मीटर के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि डिस्कस थ्रो में सिल्वर अपने नाम किया। राज्य एथलेटिक चैम्पियनशिप में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए नेशनल रिकॉर्ड 18.41 मीटर से सिर्फ 3.5 मीटर पीछे रहकर गोल्ड अपने नाम किया। कचनार लगातार दूसरी बार वर्ल्ड पुलिस गेम्स में मेडल जीतने में कामयाब रही हैं। इस प्रतियोगिता में 70 देशों के खिलाड़ियों ने भाग लिया था। इसके अलावा, उन्होंने अमेरिका के बर्मिंघम, अलबामा में हुए वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में भी स्वर्ण पदक जीतकर भारत का नाम रोशन किया।
कचनार चौधरी को 9 साल की मेहनत ने दिलाए राष्ट्रीय मुकाम
राजस्थान पुलिस में सेवा दे रहीं कचनार चौधरी ने करीब 9 साल पहले शॉटपुट की दुनिया में कदम रखा था, और तब से पीछे मुड़कर नहीं देखा। खेल की प्रेरणा उन्हें अपने पिता परेश चौधरी से मिली, जो खुद शॉटपुट और डिस्कस थ्रो के खिलाड़ी रह चुके हैं। हाल ही में चेन्नई में हुई सीनियर नेशनल इंटर स्टेट चैम्पियनशिप में उन्होंने महिलाओं के सीनियर वर्ग में पहली बार गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस प्रतियोगिता में उन्होंने दूसरे प्रयास में 15.41 मीटर और फिर चौथे प्रयास में 15.75 मीटर की दूरी तय कर स्वर्ण पदक हासिल किया। कचनार इन दिनों मुंबई के रिलायंस स्पोर्ट्स फाउंडेशन में प्रशिक्षण ले रही हैं और लगातार अपने खेल में सुधार की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
रेलवे से राजस्थान पुलिस तक
कचनार चौधरी ने मात्र 19 साल की उम्र में रेलवे में नौकरी हासिल की, लेकिन जल्द ही उन्होंने राजस्थान पुलिस की सेवा में कदम रखा। आज वह राजस्थान पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। देश-विदेश में होने वाले पुलिस गेम्स सहित कई प्रतियोगिताओं में कचनार ने अपना परचम लहराया है और कई मेडल जीतकर अपनी पहचान बनाई है। खासकर ऑल इंडिया पुलिस गेम्स में उन्होंने गोल्ड मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। लगातार सफलता के साथ कचनार राजस्थान पुलिस का नाम विश्व स्तर पर उज्जवल कर रही हैं और उन्हें कई बार उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित भी किया जा चुका है।
खेल और पढ़ाई दोनों में मिसाल बनी कचनार चौधरी
कचनार चौधरी ने खेल के साथ-साथ पढ़ाई में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उन्होंने 12वीं में 90 प्रतिशत अंक हासिल किए और बीए तथा एमए (इंग्लिश) में फर्स्ट डिवीजन से पास हुईं। वर्तमान में वह एलएलबी की पढ़ाई कर रही हैं। कचनार बताती हैं कि पढ़ाई और खेल के बीच संतुलन बनाए रखना आसान नहीं होता, इसके लिए लगातार मेहनत करनी पड़ती है। कचनार का जन्म 17 मई 1999 को राजस्थान के चूरू जिले के सुजानगढ़ कस्बे में हुआ। उनके माता-पिता, अनीता सिंह और परेश चौधरी, राजस्थान शिक्षा विभाग में काम करते हैं। खेल और पढ़ाई के अलावा कचनार सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय हैं। उनके इंस्टाग्राम पर 1.76 लाख, यूट्यूब पर 1 लाख और फेसबुक पर 3.09 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं, जो उनकी लोकप्रियता को दर्शाते हैं।
वीरेन्द्र पूनिया से भी लिया प्रशिक्षण
कचनार चौधरी ने 19 वर्ष की उम्र में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय खेल खेला, जहां वह शॉटपुट में राजस्थान की सबसे कम उम्र की एथलीट के रूप में उभरीं। अपने खेल को बेहतर बनाने के लिए कचनार ने विभिन्न जगहों पर प्रशिक्षण लिया है। खासतौर पर उन्होंने द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता कोच वीरेन्द्र पूनिया के मार्गदर्शन में जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में लंबी अवधि तक अभ्यास किया। 2024 में उन्होंने इंटर-स्टेट नेशनल प्रतियोगिता में 16.76 मीटर की दूरी फेंककर अपना पर्सनल बेस्ट बनाया, जो उनके करियर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही।
कचनार चौधरी ने जीते देश-विदेश के कई मेडल
18 वर्ष की उम्र से ही कचनार चौधरी ने खेल के कई बड़े टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल जीतकर अपनी छाप छोड़ी है। उन्होंने विश्व विश्वविद्यालय खेलों और ओपन नेशनल खेलों में गोल्ड और सिल्वर दोनों पदक हासिल किए हैं। 2016 में हुए जूनियर नेशनल और यूथ नेशनल प्रतियोगिताओं में भी उन्होंने स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। 2018 में गुवाहाटी में आयोजित राष्ट्रीय अंतर-राज्यीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में कचनार ने रजत पदक जीता। इसके बाद 2019 में दक्षिण एशियाई खेलों में कांस्य पदक अपने नाम किया। 32वीं राष्ट्रीय जूनियर एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में भी उन्होंने गोल्ड मेडल जीतकर अपनी ताकत साबित की। इनके अलावा कई अन्य ओपन टूर्नामेंट में भी कचनार ने लगातार गोल्ड और सिल्वर मेडल हासिल किए हैं।





