नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कोच गौतम गंभीर और क्रिकेटर मनोज तिवारी के आपसी रिश्ते सबसे खराब दौर से गुजर रहे हैं। एक गौरतलब बात यह भी है कि दोनों नेता राजनीति में भी एक दूसरे के घुर विरोधी है। गौतम गंभीर बीजेपी के टिकट से पूर्वी दिल्ली के सांसद रह चुके हैं जबकि मनोज तिवारी टीएमसी के नेता है जिन्होंने विधानसभा चुनाव लड़ा था। बहरहाल, मनोज तिवारी ने गौतम गंभीर पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कुछ ऐसे किस्से भी बताए जो अबतक अनसुने हैं।
IPL में दोनों खिलाड़ी आमने सामने आ गए थे
मनोज तिवारी ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि “आईपीएल के एक सीजन के दौरान हम दोनों कोलकाता नाइड राइडर्स के लिए खेल रहे थे। मेरी बैटिंग पोजिशन को लेकर चर्चा चल रही थी। उस दौरान हमारी जमकर बहस हुई। मैं वहां से उठकर चला गया। इस पर गंभीर ने मुझे कहा कि ये रवैया नहीं चलेगा। उन्होंने मुझे गाली गलौज की और कभी क्रिकेट न खेलने देने की धमकी भी दी।” यह मामला इतना बढ़ गया कि अगर उस समय हमारे बॉलिंग कोच वसीम अकरम ने बीच बचाव नहीं किया होता तो माला हाथापाई तक भी पहुंच सकता था।
मारपीट तक पहुंच गया था मामला
मनोज तिवारी ने यह भी बताया कि साल 2015 में जब रणजी ट्रॉफी का सीजन चल रहा था तो हम दोनों विरोधी टीम में थे। मैं क्रीज पर मौजूद था और गंभीर स्लिप पर फिल्डिंग कर रहे थे। वह वहां से मुझे लगातार गाली दे रहे थे। न जाने उन्हें क्या हुआ कि उन्होंने मुझे कहा कि “शाम को मिल तुझे बताता हूं।” इस पर मैने जवाब दिया कि शाम तक क्या इंतजार करना अभी मार लो। उनकी ओर से लगातार गाली गलौज के बाद मैं भी गुस्से में आ गया था।





