नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के खिलाफ पाकिस्तान की हार ने फिर साबित कर दिया कि मोहसिन नकवी के नेतृत्व में पीसीबी की रणनीति मैदान से ज्यादा बयानबाजी और विवाद पर केंद्रित रही। मोहसिन नकवी के कार्यकाल में यह छठी बार है जब पाकिस्तान को भारत से हार का सामना करना पड़ा। मैदान पर पाकिस्तानी टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, लेकिन बॉर्डर लाइन पर उनके कामकाज ने पूरी क्रिकेट दुनिया में सुर्खियाँ बटोरीं।
पाकिस्तान ग्रुप स्टेज से बाहर हो गया
जब से नकवी ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की कमान संभाली है, उन्होंने क्रिकेट स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव का ऐलान जरूर किया, लेकिन इसका असर मैदान पर दिखाई नहीं दिया। टीम के कप्तान और कोचिंग स्टाफ में लगातार बदलाव हुए, लेकिन प्रदर्शन उतना ही कमजोर रहा। टी20 वर्ल्ड कप 2024 में न्यूयॉर्क में पाकिस्तान को भारत से सिर्फ 6 रनों से हार का सामना करना पड़ा। इसके अलावा, यूएसए के खिलाफ भी हार के कारण पाकिस्तान ग्रुप स्टेज से बाहर हो गया।
चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप में नकवी की नौटंकी
2025 में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी पाकिस्तान को मिली थी। भारत ने पहले ही साफ कर दिया कि टीम अपने मैच वहां नहीं खेलेगी। नकवी ने टूर्नामेंट को दुबई शिफ्ट करने की पूरी कोशिश की, लेकिन आईसीसी और बीसीसीआई के दबाव में उसे हार माननी पड़ी। भारत ने टूर्नामेंट में पाकिस्तान को 6 विकेट से हराकर ट्रॉफी भी जीत ली।
एशिया कप 2025 में नकवी का असली रंग दिखा
एशिया कप 2025 में नकवी का असली रंग दिखा। आतंकवादी हमले के बाद भारत ने पाक खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया। फाइनल सहित तीन मुकाबले भारत ने जीतकर पाक खिलाड़ियों को नजरअंदाज किया। फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हराया, जबकि नकवी ने ट्रॉफी को मैदान से लेकर जाने की कोशिश की, लेकिन भारत ने जीत के साथ विरोध का जवाब दे दिया।
बांग्लादेश बहाने पर बायकॉट का हंगामा
भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश को भारत में अपनी टीम नहीं भेजने का आदेश मिला। इसके बाद पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ 15 फरवरी के मैच को लेकर बायकॉट और हंगामा मचाया। पाक पीएम तक ने टीम को मैच ना खेलने के आदेश दिए। अंततः आईसीसी ने जुर्माने और प्रतिबंधों की चेतावनी दी, और नकवी ने टीम को भारत के खिलाफ मैच खेलने का आदेश दिया।
मैदान पर नतीजा नहीं बदला
भारत ने पाकिस्तान को 61 रनों से हराकर मैच अपने नाम कर लिया। नकवी और PCB की बयानबाजी और हंगामेबाजी का कोई फायदा नहीं हुआ।
नौटंकी केवल सुर्खियां बटोरने तक सीमित रही
मोहसिन नकवी के कार्यकाल में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का फोकस मैदान की सफलता नहीं, बल्कि विवाद और बयानबाजी पर रहा। भारत के खिलाफ लगातार हार और मीडिया हंगामों ने साफ कर दिया कि टीम की वास्तविक क्षमता मैदान पर प्रदर्शन में ही दिखाई देती है, जबकि नौटंकी केवल सुर्खियां बटोरने तक सीमित रही।





