नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । पाकिस्तान के स्पिन गेंदबाज उस्मान तारिक के बॉलिंग एक्शन को लेकर क्रिकेट जगत में चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोग उनके गेंद डालने के तरीके को गलत बता रहे हैं, तो वहीं कई इसे नियमों के दायरे में मान रहे हैं। इसी बीच भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने तारिक के समर्थन में अपनी राय रखी है। अश्विन का कहना है कि गेंद फेंकने से पहले हल्का ठहराव लेना नियमों के खिलाफ नहीं है और इसे गलत नहीं कहा जा सकता। दरअसल, भारतीय फर्स्ट क्लास क्रिकेटर श्रीवत्स गोस्वामी ने तारिक के एक्शन पर सवाल उठाए थे। उनके पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए अश्विन ने साफ तौर पर पाकिस्तानी गेंदबाज का बचाव किया और इसे पूरी तरह वैध करार दिया।
अनोखे एक्शन से चर्चा में उस्मान तारिक
पाकिस्तान के स्पिन गेंदबाज उस्मान तारिक अब तक चार टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेल चुके हैं और सीमित मौकों में उन्होंने असर भी छोड़ा है। अमेरिका के खिलाफ हालिया मैच में उन्होंने 27 रन देकर तीन विकेट झटके थे। हालांकि अब उनकी अगली बड़ी चुनौती भारत के खिलाफ मुकाबले में होगी। तारिक का गेंदबाजी अंदाज पारंपरिक स्पिनरों से अलग माना जाता है। उनका हाथ अपेक्षाकृत नीचे से आता है और गेंद छोड़ने से पहले वह क्षणभर रुकते हैं, जिससे उनके एक्शन पर बहस छिड़ी रहती है। ‘चकिंग’ को लेकर उन पर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) के दौरान भी उनके एक्शन को लेकर चर्चा हुई थी।
उस्मान तारिक के एक्शन पर गोस्वामी ने उठाया सवाल
श्रीवत्स गोस्वामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर उस्मान तारिक की गेंदबाजी का एक वीडियो साझा करते हुए उनके एक्शन पर आपत्ति जताई। श्रीवत्स गोस्वामी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि फुटबॉल में भी पेनल्टी लेते समय रन-अप के दौरान रुकने की अनुमति नहीं होती, तो फिर गेंदबाजी में ऐसा ठहराव कैसे स्वीकार किया जा सकता है? उन्होंने कहा कि गेंदबाजी का मूल एक्शन भले ही नियमों के दायरे में हो, लेकिन डिलीवरी से ठीक पहले लिया गया यह ‘पॉज’ सवाल खड़े करता है।
उस्मान तारिक विवाद पर अश्विन का तर्क
उस्मान तारिक के गेंदबाजी एक्शन पर उठे सवालों के बीच रविचंद्रन अश्विन ने खुलकर उनका बचाव किया है। श्रीवत्स गोस्वामी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए अश्विन ने लिखा कि भले ही फुटबॉल में रन-अप के दौरान रुकने की अनुमति नहीं होती, लेकिन क्रिकेट के नियम अलग हैं। उन्होंने तर्क दिया कि जब बल्लेबाज बिना पूर्व सूचना के स्विच हिट या रिवर्स शॉट खेल सकता है, तो गेंदबाज पर ही अतिरिक्त पाबंदियां क्यों लगाई जाएं? अश्विन ने यह भी कहा कि फिलहाल गेंदबाज को अपना गेंदबाजी हाथ बदलने से पहले अंपायर को बताना पड़ता है, इसलिए अगर नियमों में बदलाव की बात होनी है तो उस स्तर पर होनी चाहिए।
एक अन्य पोस्ट में अश्विन ने स्पष्ट किया कि किसी भी गेंदबाज के एक्शन की वैधता की अंतिम जांच केवल आईसीसी के अधिकृत बॉलिंग एक्शन टेस्टिंग सेंटर में ही हो सकती है। उन्होंने 15 डिग्री के नियम का जिक्र करते हुए बताया कि कोहनी के झुकाव की सटीक माप मैदान पर खड़े अंपायर के लिए तय करना लगभग असंभव है। अश्विन के मुताबिक, इस समस्या का समाधान रियल-टाइम टेस्टिंग तकनीक हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में कई पहलू ‘ग्रे एरिया’ में आते हैं और बिना ठोस परीक्षण के किसी पर आरोप लगाना उचित नहीं है। अंत में अश्विन ने साफ किया कि क्रीज पर क्षणभर रुकना, यदि वह गेंदबाज के नियमित एक्शन का हिस्सा है, तो उनके अनुसार पूरी तरह वैध है।





