नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के प्रशंसकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। टीम के मौजूदा मालिक डायजेओ (Diageo) ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वह अपनी आईपीएल फ्रेंचाइजी बेचने जा रही है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया IPL 2026 सीजन से पहले पूरी की जाएगी और 31 मार्च 2026 तक नए मालिक को टीम सौंपने का लक्ष्य रखा गया है। इस फैसले के बाद RCB में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
RCB को मिलेगा नया मालिक
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के स्वामित्व में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। टीम की पैरेंट कंपनी डायजेओ ने बुधवार, 5 नवंबर को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को सूचित किया कि उसने अपनी सहायक कंपनी रॉयल चैलेंजर्स स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (RCSPL) की “रणनीतिक समीक्षा” शुरू कर दी है। यही कंपनी पुरुषों की इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) और महिलाओं की वुमेन्स प्रीमियर लीग (WPL) दोनों टीमों की मालिक है।
डायजेओ के भारतीय कारोबार यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड (USL) के सीईओ प्रवीण सोमेश्वर ने बताया कि “RCSPL हमारे लिए एक मूल्यवान और रणनीतिक संपत्ति है, लेकिन यह हमारे मुख्य शराब व्यवसाय का हिस्सा नहीं है। भारत में अपने कोर बिजनेस पर ध्यान केंद्रित करने के लिए हम यह कदम उठा रहे हैं।” सूत्रों के अनुसार, कंपनी ने संभावित खरीदारों से बातचीत भी शुरू कर दी है। जून में आई ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह सौदा करीब 2 बिलियन डॉलर (लगभग ₹16,600 करोड़) तक का हो सकता है।
RCB की बिक्री से बदलेगा टीम वैल्यूएशन
RCB की संभावित बिक्री से इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में टीम वैल्यूएशन के नए मायने तय हो सकते हैं। आज IPL सिर्फ एक क्रिकेट टूर्नामेंट नहीं, बल्कि एक वैश्विक स्पोर्ट्स ब्रांड बन चुका है, जिसकी टीमें अब NFL और EPL जैसी अंतरराष्ट्रीय लीग्स के समान स्तर पर देखी जाती हैं। अगर RCB की बिक्री अनुमानित रकम पर पूरी होती है, तो यह सौदा IPL इतिहास की सबसे बड़ी फ्रेंचाइजी डील्स में से एक साबित हो सकता है। उद्योग जगत के कई बड़े नाम और कंपनियां हाल के वर्षों में IPL टीमों में निवेश की इच्छा जता चुके हैं, जिससे यह लीग वैश्विक निवेशकों के लिए और भी आकर्षक बन गई है।
विजय माल्या थे RCB के पहले मालिक
RCB की स्थापना साल 2008 में हुई थी, जब टीम के मालिक थे विजय माल्या और यह फ्रेंचाइजी उनकी कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस लिमिटेड के अधीन थी। हालांकि, 2012 में किंगफिशर एयरलाइंस के बंद होने के बाद हालात बदले। उसी दौरान Diageo ने United Spirits Limited (USL) का अधिग्रहण किया और इसी के साथ RCB की मालिकाना हकदारी भी Diageo के पास चली गई।
क्यों RCB से दूरी बना रही है डायजेओ?
डायजेओ अब भारत में अपने प्रमुख शराब ब्रांड्स रॉयल चैलेंज, स्मिरनॉफ और जॉनी वॉकर पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करना चाहती है। कंपनी की रणनीति अपने कोर बिजनेस को मजबूत करने पर आधारित है, जिसके चलते वह RCB जैसी गैर-प्रमुख संपत्तियों से दूरी बना रही है। इसके साथ ही, भारत सरकार ने हाल के महीनों में खेल आयोजनों में शराब और तंबाकू ब्रांड्स के प्रचार-प्रसार पर सख्त नियम लागू किए हैं। इस नीति के चलते डायजेओ के लिए स्पोर्ट्स मार्केटिंग से जुड़े व्यवसाय को जारी रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है। यही वजह है कि कंपनी ने RCB फ्रेंचाइजी बेचने का फैसला लिया है।
RCB का नया मालिक कौन होगा?
RCB की बिक्री की घोषणा के बाद अब यह सवाल सबसे बड़ा है कि टीम का नया मालिक कौन बनेगा। इसको लेकर इंडस्ट्री में कई नामों की चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला, JSW ग्रुप, और कुछ विदेशी निवेशक कंपनियां संभावित दावेदारों की सूची में शामिल हैं। जो भी निवेशक RCB का अधिग्रहण करेगा, वह न केवल टीम की ब्रांड वैल्यू को नई ऊंचाई देगा, बल्कि फ्रेंचाइजी के एक नए युग की शुरुआत भी करेगा। RCB के प्रशंसक अब बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि आने वाले सीज़न से पहले कौन इस टीम की बागडोर संभालेगा।




