नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । एशिया कप 2025 की शुरुआत से पहले ही भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मुकाबले ने खेल और राजनीति दोनों में बहस छेड़ दी है। इस मुकाबले को लेकर देशभर में उत्सुकता के साथ-साथ राजनीतिक बयानबाज़ी भी जारी है, जो मुकाबले की अहमियत को और बढ़ा रही है।
टीम इंडिया 10 सितंबर को UAE के खिलाफ अपना पहला मैच खेलेगी और 14 सितंबर को ग्रुप स्टेज में पाकिस्तान से भिड़ेगी। हाल ही में दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव को देखते हुए फैंस का एक बड़ा हिस्सा चाहता है कि भारत पाकिस्तान के खिलाफ किसी भी टूर्नामेंट में न खेले।
कुछ लोगों का मानना है कि भारत को ICC या अन्य बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में भी पाकिस्तान के खिलाफ मैच खेलने से इनकार कर देना चाहिए। भारत-पाकिस्तान के बीच हालिया सैन्य तनाव के कारण यह मुद्दा फैंस और खेल जगत दोनों में गर्म बहस का विषय बना हुआ है।
गाइडलाइंस का पालन कर रहा BCCI
इस विवाद के बीच BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने सफाई दी। मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि बीसीसीआई सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन कर रहा है और उसी के अनुसार टीम इंडिया की किसी भी टूर्नामेंट में भागीदारी तय होती है।
BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि किसी भी खेल में, क्रिकेट या अन्य, भारतीय टीम की भागीदारी के लिए केंद्र सरकार के खेल विभाग ने स्पष्ट गाइडलाइंस बनाई हैं। बोर्ड इन नियमों के अनुसार ही निर्णय लेता है।
सरकार की नीतियों के अनुसार निर्णय
देवजीत सैकिया ने कहा कि सरकार ने नीति बनाते समय पूरी सावधानी बरती है ताकि राष्ट्रीय खेल संघों को स्पष्ट दिशा मिले। इसी आधार पर मल्टी-नेशन टूर्नामेंट्स में भारतीय टीम की भागीदारी का निर्णय लिया जाता है, जिससे खिलाड़ियों और खेल प्रशासन दोनों के लिए स्पष्टता बनी रहती है।
पाक के साथ पूरी तरह खेल बंद करना संभव नहीं
BCCI सचिव ने कहा कि, पाकिस्तान के साथ खेल संबंध पूरी तरह तोड़ना संभव नहीं है। ऐसा करने पर ICC और ACC जैसी संस्थाओं से कड़े प्रतिबंध लग सकते हैं और उभरते खिलाड़ियों का करियर भी प्रभावित होगा। इसलिए बोर्ड सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार निर्णय लेता है।
युवा खिलाडियों के करियर पर असर
देवजीत सैकिया ने चेतावनी देते हुए कहा कि, यदि कोई टीम मल्टी-नेशन टूर्नामेंट में भाग नहीं लेती, तो संबंधित फेडरेशन पर पाबंदी लग सकती है। इससे युवा खिलाड़ियों के करियर पर गंभीर असर पड़ेगा। इसी वजह से केंद्र सरकार ने सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर स्पष्ट और संतुलित नीति बनाई है।





