नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। टी20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 मुकाबले में भारत राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को दक्षिण अफ्रीका राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के खिलाफ 76 रन की करारी हार का सामना करना पड़ा, और इस हार ने टीम संयोजन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। अहमदाबाद में खेले गए इस अहम मुकाबले से पहले टीम मैनेजमेंट के एक फैसले ने सभी को चौंका दिया था उपकप्तान अक्षर पटेल को प्लेइंग इलेवन से बाहर बैठाना। उनकी जगह वॉशिंगटन सुंदर को मौका दिया गया, लेकिन नतीजा भारत के पक्ष में नहीं गया और अब इस रणनीति पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
सुंदर को फाइनल XI में शामिल किया गया
मैच के बाद भारतीय बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने इस फैसले के पीछे की सोच को सार्वजनिक किया। उन्होंने बताया कि मुकाबले से पहले कप्तान सूर्यकुमार यादव और मुख्य कोच गौतम गंभीर ने अक्षर पटेल से लंबी बातचीत की थी। उन्हें साफ तौर पर समझाया गया कि यह निर्णय व्यक्तिगत नहीं बल्कि पूरी तरह रणनीतिक है। दक्षिण अफ्रीका के शीर्ष क्रम में तीन बाएं हाथ के बल्लेबाजों की मौजूदगी को देखते हुए टीम प्रबंधन ने ऑफ स्पिनर को प्राथमिकता देने का फैसला किया। यही कारण था कि अक्षर की जगह सुंदर को अंतिम एकादश में शामिल किया गया।
भारत को एकतरफा हार झेलनी पड़ी
कोटक के मुताबिक शुरुआती ओवरों में टीम की योजना सही दिशा में जाती भी दिखी और भारत को शुरुआती सफलताएं मिलीं। हालांकि मैच के दौरान रणनीति में बदलाव हुआ और सुंदर से पावरप्ले में गेंदबाजी नहीं कराई गई, जबकि मूल योजना यही थी कि वे नई गेंद से बाएं हाथ के बल्लेबाजों पर दबाव बनाएंगे। यही बदलाव बाद में भारी पड़ता नजर आया। दूसरी ओर भारतीय बल्लेबाज भी उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके और लगातार अंतराल पर विकेट गिरते रहे, जिससे टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रही। परिणामस्वरूप दक्षिण अफ्रीका ने मैच पर पूरी पकड़ बना ली और भारत को एकतरफा हार झेलनी पड़ी।
आगे के मुकाबले ‘करो या मरो’ जैसे
इस हार के बाद सुपर-8 चरण में भारत की स्थिति जटिल हो गई है और अब आगे के मुकाबले ‘करो या मरो’ जैसे बन गए हैं। सेमीफाइनल की उम्मीदें कायम रखने के लिए टीम को अपने शेष दोनों मैचों में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। हालांकि कोटक ने विश्वास जताया कि भारतीय खिलाड़ी दबाव की परिस्थितियों में खेलने के आदी हैं और टीम वापसी करने की क्षमता रखती है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि भारत आने वाले मुकाबलों में किस रणनीति के साथ उतरता है और क्या वह इस झटके से उबरकर टूर्नामेंट में मजबूत वापसी कर पाता है।





