देहरादून, एजेंसी। उत्तराखंड का पौराणिक मंदिर टपकेश्वर धाम महाशिवरात्रि के लिए सज रहा है। टपकेश्वर धाम वह मंदिर है जहां दूध की धारा ने आचार्य द्रोण के पुत्र अश्वथामा को जीवन यापन का माध्यम दिया। महाशिवरात्रि पर्व फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है।
उत्तराखंड में बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता
इस संदर्भ में टपकेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी महंत भरत गिरी का कहना है कि महाशिवरात्रि जैसा पर्व देवभूमि उत्तराखंड में बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन उत्तराखंड के हजारों मंदिर फूल मालाओं से सुसज्जित रहते हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ इस दिन देखने को मिलती है। राजधानी देहरादून के सबसे पौराणिक मंदिर टपकेश्वर महादेव के प्रति लोगों की आस्था देखकर हजारों की संख्या में शिवरात्रि के दिन श्रद्धालु भोलेनाथ के दर्शन करने और उनको फल, फूल, जल, दूध समर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। टपकेश्वर महादेव मंदिर में तैयारियां जोरों पर है।




