नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। आज यानी 21 अगस्त को UP के पूर्व मुख्यमंत्री और सूबे में बीजेपी को राजनीतिक रूप से स्थापित करने वाले कल्याण सिंह की पुण्यतिथि है। बीजेपी कल्याण सिंह की पुण्यतिथि को हिंदू गौरव दिवस के रूप में मना रही है। आइये जानते हैं कि कौन थे कल्याण सिंह और बीजेपी और उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनका क्या योगदान रहा है ?
वाजपेयी और आडवाणी के बाद बीजेपी के सबसे प्रमुख चेहरे थे सिंह
कल्याण सिंह भारतीय राजनीति का एक ऐसा नाम है जो किसी पहचान का मोहताज नहीं है। अटल बिहारी वाजपेयी और आडवाणी के बाद लोग कल्याण सिंह को बीजेपी के चेहरे के रूप में देखते हैं। उन्हें प्यार से लोग बाबूजी बुलाया करते थे। कल्याण सिंह BJP का OBC का चेहरा माने जाते थे। बाबरी मस्जिद ढहाने के समय वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे।
अलीगढ़ के एक लोधी परिवार में हुआ था जन्म
उनका जन्म अलीगढ़ में हुआ था वो लोधी समुदाय से थे। सिंह ने पहली बार 1967 में अतरौली विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनसंघ के उम्मीदवार के रूप में उत्तर प्रदेश विधानसभा के लिए चुनाव लड़ा और अपने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रतिद्वंद्वी को 4351 मतों से हराया। उन्होंने साल 1999 में बीजेपी पार्टी छोड़ दी थी।
कुछ समय तक टीचर भी रहे
कुछ समय तक कल्याण जी टीचर रहे फिर नौकरी छोड़ी और संघ से जुड़ गए।यहीं से उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। 1962 में उन्होंने पहली बार जनसंघ पार्टी से विधानसभा चुनाव लड़ा लेकिन हार गए। लेकिन हार नहीं मानी और 1967 के चुनाव में फिर से मैदान में उतरे और जीत हासिल की। उन्होंने क्षेत्र में खुद को मजबूत किया और अतरौली से 10 बार विधायक रहे। दो बार बुलंदशहर और एटा से सांसद भी रहे।
कल्याण सिंह OBC का चेहरा हुआ करते थे
कल्याण सिंह और अटल बिहारी वाजपेयी, दोनों ही नेताओं ने RSS से जुड़े रहकर बीजेपी पार्टी को सत्ता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वाजपेयी बीजेपी का ब्राह्मण चेहरा हुआ करते थे तो कल्याण सिंह ओबीसी चेहरे के तौर पर जाने जाते थे। केंद्र के दबाव में कल्याण सिंह ने 1999 में सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था।साल 2007 में फिर से मुख्यमंत्री का नया चेहरा बनकर उभरे थे।
लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी होंगे शामिल
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री की तीसरी पुण्यतिथि बीजेपी हिंदू गौरव दिवस के रूप में मनाएगी। इस संबंध में इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्य के BJP अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और कई मंत्री और सांसद भाग लेंगे।




