back to top
21.1 C
New Delhi
Thursday, March 12, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

UP News: 1.5 लाख शिक्षकों की भर्ती, मजबूत इंफ्रॉस्ट्रक्चर ऐसे योगी ने बदली शिक्षा की तस्वीर

योगी सरकार ने 6 वर्ष में उत्तर प्रदेश में शिक्षा में काफी सुधार हुआ है। यूपी के विकास पर नीति आयोग की रिपोर्ट चर्चा में है। इसके आधार पर cm योगी के सुशासन का आकलन किया जा सकता है।

नई दिल्ली, डॉ.दिलीप अग्निहोत्री। योगी सरकार ने छह वर्ष में उत्तर प्रदेश में विकास के नये आयाम स्थापित किए हैं। इसमें शिक्षा भी शामिल है। माध्यमिक और बेसिक शिक्षा पर इतना ध्यान पहले कभी नहीं दिया गया।ऑपरेशन कायाकल्प योगी आदित्यनाथ की अभिनव योजना रही है। परिषदीय विद्यालयों में इंफ्रॉस्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए ऑपरेशन कायाकल्प के पहले चरण में किए गए प्रयासों में आशातीत सफलता मिली है। इस अवधि में परिषदीय विद्यालयों के इंफ्रॉस्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 11 हजार करोड़ रुपये खर्च किये गए। बेसिक शिक्षा परिषद तथा माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में एक लाख 64 हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती की गई है। बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में करीब साठ नये विद्यार्थियों का नामांकन हुआ। सितंबर तक प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के 2.36 लाख शिक्षकों को टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे। शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी। टैबलेट में शासकीय कार्यक्रमों की योजनाओं के बारे में जागरुकता सामग्री प्री-लोडेड होगी।

‘‘एट ग्रेड लर्निंग’ की व्यवस्था’

अब ऑपरेशन कायाकल्प के दूसरे चरण की शुरुआत की तैयारी शुरू हो रही है। इंफ्रॉस्ट्रक्चर के साथ शैक्षिक गुणवत्ता, पठन-पाठन का माहौल, तकनीकी दक्षता, डिजिटल लर्निंग और वोकेशनल शिक्षा की ओर बढ़ना होगा। विद्यालयों में ‘एट ग्रेड लर्निंग’ की व्यवस्था होगी। मुख्यमंत्री अभ्युदय कम्पोजिट विद्यालयों को प्रारम्भिक तौर पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लिया जाएगा। सभी जनपदों में एक विद्यालय मुख्यमंत्री अभ्युदय कम्पोजिट विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रोजेक्ट अलंकार के तहत माध्यमिक विद्यालयों के जीर्णोद्धार कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। शासकीय के साथ-साथ वित्त पोषित अशासकीय विद्यालयों में सम्बन्धित प्रबन्ध तंत्र के सहयोग से जीर्णोद्धार होगा।

नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद शिक्षा के सभी स्तरों पर व्यापक सुधार

उत्तर प्रदेश के विकास पर नीति आयोग की रिपोर्ट चर्चा में है। इसके आधार पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सुशासन का आकलन किया जा सकता है। नीति आयोग की रिपोर्ट में कहा गया कि यूपी विकसित प्रदेश बनने की दिशा में अग्रसर है। छह वर्ष में साढ़े पांच करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आ चुके हैं। लोग समर्थ और सक्षम बन रहे हैं। नीति आयोग के निर्धारित मानकों में शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण था। नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद शिक्षा के सभी स्तरों पर व्यापक सुधार हुआ है। राज्य में 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के क्रमिक उन्नयन तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों को प्री-प्राइमरी के रूप में विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। इस क्रम में मुख्यमंत्री ने लोक भवन में बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को ड्रेस, स्वेटर, स्कूल बैग, जूता-मोजा एवं स्टेशनरी क्रय के लिए धनराशि का डीबीटी के माध्यम से अन्तरण प्रक्रिया का शुभारम्भ किया।

हर जिले में विश्वविद्यालय नजर आएंगे

इसके अलावा योगी सरकार ने नकल विहीन परीक्षा सुनिश्चित की गई। इससे देश में यूपी की शिक्षा का महत्व और सम्मान बढ़ा है। शिक्षा में किया गया निवेश कभी व्यर्थ नहीं जाता। शिक्षा देश और समाज के भविष्य को संवारने का माध्यम है। छह वर्ष पहले प्रदेश में मात्र बारह राजकीय मेडिकल कॉलेज थे। विगत छह वर्षों के प्रयास के बाद आज पैंतालीस जनपदों में सरकारी मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। आज प्रदेश में 22 राज्य विश्वविद्यालय व तीन केन्द्रीय विश्वविद्यालय संचालित हैं। छत्तीस निजी विश्वविद्यालय, दो एम्स हैं। दो आईआईटी व आईआईएम संचालित हैं। दो हजार से अधिक पॉलिटेक्निक व वोकेशनल इंस्टीट्यूट भी संचालित हैं। कुछ दिन बाद हर जिले में विश्वविद्यालय नजर आएंगे।

(लेखक, स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं।)

Advertisementspot_img

Also Read:

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर केस दर्ज होने से साधु-संतों में नाराजगी, निष्पक्ष जांच की उठी मांग

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्‍क। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ अदालत के निर्देश पर FIR दर्ज होने के बाद संत समाज में असंतोष और चिंता का माहौल...
spot_img

Latest Stories

बालों ने कर दिया है परेशान, तो घर पर बनाए इन चीजों से सिरम

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। बाल औरत की खूबसूरती का...

Vastu Tips: आज गुरुवार के दिन करें ये उपाय, किस्मत का खुल जाएगा बंद ताला

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। आज गुरुवार का दिन बहुत...