राम मंदिर का न्योता ठुकराने पर कांग्रेस के अंदर ही मचा घमासान, जानिए कौन ठहरा रहा सही , कौन गलत

अयोध्या में बने राम मंदिर में रामलाल की प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम में कांग्रेस पार्टी को शामिल होने का निमंत्रण भेजा गया।  जिस पर कांग्रेस ने इस निमंत्रण को साफ तौर पर ठुकरा दिया।
Congress ram Mandir invitation rejected
Congress ram Mandir invitation rejected Social media

रफ्तार डेस्क, नई दिल्ली। कांग्रेस ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में जाने का न्यौता ठुकरा दिया है।  पार्टी की तरफ से बयान जारी कर दिया गया है कि राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का न्यौता सम्मानपूर्वक अस्वीकार कर दिया है।  22 जनवरी को होने वाले इस कार्यक्रम में सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खडगे समेत कांग्रेस का कोई भी नेता अयोध्या नहीं जाएगा। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, "हमारे देश में लाखों लोग भगवान राम की पूजा करते हैं। धर्म एक निजी मामला है लेकिन RSS BJP ने लंबे समय से राम मंदिर को राजनीति प्रोजेक्ट बनाया हुआ है। ऐसे में हम और हमारी पार्टी इस न्योते को सम्मानपूर्वक ठुकराती है।' अब पार्टी के कई नेता आलाकमान के इस फैसले से नाखुश नज़र आ रहे हैं।

कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस नेताओं के विचार अलग-अलग क्यों?

निमंत्रण तो ठुकराने के बाद कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णन ने कहा, " कांग्रेस राम विरोधी नहीं है। फैसले से दिल टूटा है। निमंत्रण को स्वीकार न करना बेहद दुखद और पीड़ादायक है।" इसके अलावा मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि भगवान राम हम सबके हैं। धर्म का उपयोग राजनीति में नहीं होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि रामलला की मूर्ति पर सारा झगड़ा हुआ। वह मूर्ति कहां है। वहीं  राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा चुनाव जीतने के लिए राम मंदिर पर राजनीति हो रही है। इसके अलावा यूपी कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि राम एक है राम अनेक है राम निराकार है राम सरकार है राम पर भला किसका अधिकार हो सकता है।

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