नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। सिंधुरदुर्ग के राजकोट किले में छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ती गिरने वाली घटना को लेकर ठाणे शहर NCP (अजित गुट) के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने तालाब पाली स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के सामने मुंह पर काली पट्टी बांधकर विरोध जाहिर किया। ठाणे जिला अध्यक्ष आनंद परांजपे के मार्गदर्शन में हुए इस प्रदर्शन के दौरान CM एकनाथ शिंदे और गृह राज्य मंत्री देवेंद्र फडणवीस से घटना के लिए जिम्मेदार आर्किटेक्ट, सलाहकार, ठेकेदार, PWD के अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई। वहीं छत्रपति की प्रतिमा गिरने की इस घटना को लेकर CM एकनाथ शिंदे ने कहा कि वह सौ बार झुक कर माफी मांगते हैं।
अजित पवार ने राज्य की जनता से मांफी मांगी
परांजपे ने बताया कि घटना को लेकर उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने सार्वजनिक रूप से राज्य की जनता से मांफी मांगी है। उन्होंने कहा कि हमारी भी माफी सिर्फ शब्दों में नहीं होनी चाहिए बल्कि कार्रवाई होनी चाहिए। अजित पवार ने माफी के साथ प्रतिमा को जल्द से जल्द स्थापित करने की बात की।
शिवाजी महाराज का मामला बिल्कुल भी राजनीतिक नहीं हो सकताः अजित पवार
अजित पवार ने यह भी कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का मामला बिल्कुल भी राजनीतिक नहीं हो सकता है। शिवाजी की प्रतिमा महाराष्ट्र के गौरव और पहचान का सवाल है। साथ ही साथ अजित पवार ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि इस मामले को बिल्कुल भी राजनीतिक मामला न बनाएं और लोगों की भावनाओं को आहत न करें।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विपक्ष से अपील की
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विपक्ष से अपील की और कहा कि वे छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर राजनीति न करें, क्योंकि वे महाराष्ट्र के लिए भगवान जैसे हैं। साथ साथ उन्होंने यह भी कहा कि वे शिवाजी महाराज के पैर पर 100 बार झुक-झुककर माफी मांगेंगे और जल्द से जल्द एक नई प्रतिमा भी लगवाएंगे।
मामले की जांच के लिए महाराष्ट्र सरकार ने एक समिति का गठन किया
मामले को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी, जिसमें पुलिस अधिकारी भी शामिल थे। महाराष्ट्र सरकार ने एक समिति का गठन किया है। इस समिति में नौसेना अधिकारी, आर्किटेक्ट और अन्य विशेषज्ञ भी शामिल होंगे और जल्द से जल्द शिवाजी महाराज की प्रतिमा ढहने के कारणों की खोजबिन करेंगे। साथ ही साथ प्रतिमा स्थापित करने का काम भी शुरू करेंगे।





