नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आता जा रहा है, वैसे-वैसे ही चुनाव की सुगबुगाहट और तेज भी होती जा रही है। राजनीतिक पार्टियां के कई दांवे और बयानबाजी का जोर सुनाई दे रहा है। नेताओं के हर दिन के बयान वायरल हो रही है, कभी जनता को लेकर तो कभी अपनी ही सीटों को लेकर।
वही, इस बीच बिहार में एक बड़ा सियासी दाव पेंच आजमाने इस बार के विधानसभा चुनाव में ताल ठोकने जा रही जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बड़ा दांवा किया है। उन्होने कहा कि हमारी पार्टी बिहार की व्यवस्था बदल कर रहेगी, फिर चाहे वह सत्ता में रहकर बदले या फिर 5-6 साल तक संघर्ष करके बदले। लेकिन बिहार के तस्वीर को जरुर बदलेंगी।
गुरुवार को प्रशांत किशोर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बिहार चुनाव का लेकर कई दावे किए है। इस दौरान उन्होंने कहा कि जन सुराज या तो अर्श पर रहेगी या फर्श पर रहेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी की या तो इतनी कम सीटें आएंगी की हम लोगों को 5-6 साल और संघर्ष करना पड़ेगा या इतनी ज्यादा सीटें आएंगी कि हम लोग बिहार की व्यवस्था को बदलने में लग जाएंगे। किशोर ने आगे कहा कि बिहार की व्यवस्था या तो सत्ता में आकर बदलेंगे या फिर 5 साल संघर्ष करके बदलेंगे लेकिन बदलेंगे जरूर।
‘फिर से सीएम नहीं बनेंगे नीतीश कुमार’
प्रशांत किशोर ने सीएम नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के परिणाम आने के बाद बिहार वैसा नहीं रहेगा जैसा है। क्योंकि चुनाव के बाद सीएम नीतीश कुमार नहीं रहेंगे। चुनाव के नतीजों के बाद राज्य में नए सीएम होंगे। उन्होंने कहा कि सीएम कोई भी बने बिहार की व्यवस्था तो बदलने वाली है।
‘बिहार में जनता का राज चाहिए, नेताओं का नहीं’
प्रशांत किशोर ने अपने एक बयान में कहा कि अगर आपको बिहार में बदलाव लाना है तो नेताओं का नहीं बल्कि जनता का राज लाना पड़ेगा। उन्होंने लोगों से रोजगार और बच्चों की शिक्षा को देखकर ही वोटिंग करने की अपील की।
हमारी लहर को देखकर गठबंधनों में डर
पीके ने बीते मंगलवार को NDA और INDIA दोनों गठबंधनों को भी निशाने पर लिया था, उन्होने कहा था कि जब हमने पदयात्रा शुरू की थी, तब बीजेपी हमें इंडिया गठबंधन की टीम का हिस्सा बता रही थी। अब इंडिया हमें एनडीए गठबंधन की टीम का हिस्सा बता रही है। इससे साफ पता चलता है कि दोनों गठबंधनों में जनसुराज पार्टी की लहर को देखकर कितना डर है।




