48 घंटों में बदल सकती है बिहार की सियासत, इंडिया गठबंधन खतरे में आ रहा नज़र

राजनीतिज्ञ जानकारों का मानना है कि बिहार और इंडिया गठबंधन की सियासत की तस्वीर अगले 48 घंटे में बदल सकती है। पलटू राम नाम से विख्यात मुख्यमंत्री नीतीश कुमार फिर से बीजेपी का दामन थाम सकते हैं।
The politics of Bihar will change in 48 hours
The politics of Bihar will change in 48 hoursSocial media

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। राजनीति में एक कहावत है कि सत्ता की कुर्सी के लिए ना तो कोई किसी का दोस्त होता है और ना ही किसी का दुश्मन, वहीं दूसरी ओर एक कहावत यह भी है कि सियासत का एक सप्ताह बहुत लंबा समय माना जाता है और इसी एक सप्ताह के अंदर बिहार की सियासत पूरी तरह से बदलती हुई नजरआई है। इसी महीने की 14 जनवरी को जब लालू प्रसाद यादव के घर खिचड़ी भोज में चूड़ा खाने नीतीश कुमार गए थे, तो ऐसा लग रहा था कि सब कुछ ठीक है लेकिन उसके बाद से नीतीश के आए बयानों को लेकर सियासत पूरी तरह से बदल गई है। नीतीश के सुर अब बीजेपी से मिल रहे है। असल में JDU और RJD के बीच की दूरी लालू प्रसाद की बेटी बताई जा रही है। लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य के एक ट्वीट ने बिहार की सियासत में हलचल मचा दी है। हालांकि ट्वीट डिलीट कर दिया गया है लेकिन इससे नीतीश कुमार नाराज हैं।

इंडिया गठबंधन खतरे में पड़ा

इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि आज विपक्ष का जो इंडिया गठबंधन है। वह नीतीश कुमार का ही क्रिएशन है। उन्होंने ही मोदी और बीजेपी के खिलाफ सभी दलों को एकत्रित करने का काम किया था। इसमें वह भी दल थे जिसके कांग्रेस के साथ अच्छे रिश्ते नहीं हैं। लेकिन मोदी सरकार को 2024 के चुनाव में रोकना उनका एकमात्र लक्ष्य था लेकिन अब यह लक्ष्य टूटता नजर आ रहा है। क्योंकि नीतीश कुमार के बदले बदले रवैया की वजह से इंडिया गठबंधन भी खतरे में पड़ता नजर आ रहा है। सूत्रों ने कहा है कि नीतीश कुमार ने दिल्ली ,पंजाब ,बंगाल और उत्तर प्रदेश में लोकसभा सीट के बंटवारों को लेकर चर्चा करने और लोकसभा चुनाव की तैयारी को करने की बजाय राहुल गांधी की यात्रा पर नीतीश ने नाराजगी जताई थी। नीतीश इंडिया अलायंस के संयोजक का पद पहले ही ठुकरा चुके हैं। वहीं से नीतीश के बीजेपी में जाने की अटकलें भी शुरू हो गई थी।

नीतीश के पास अब क्या है विकल्प

नीतीश कुमार के मौजूदा समय में जिस तरह से बदले हुए सुर नजर आ रहे हैं उसे तो यही लग रहा है कि नीतीश बहुत जल्द बीजेपी का दामन थाम सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो बिहार में 2025 में होने वाले विधानसभा चुनाव तक नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने रहेंगे। इसके बाद दोनों चुनाव साथ लड़ेंगे और फिर आगे की रणनीति तय होगी। वहीं अगर आगामी लोकसभा चुनाव जेडीयू और बीजेपी साथ लड़ते हैं तो इससे बीजेपी को फायदा मिलेगा तो वहीं इंडिया गठबंधन कमजोर नजर आएगा।

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