नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । अमेरिका के राष्ट्रपति चुने जाने के बाद से ही ट्रंप एक्शन मोड में हैं, वह अब तक देश के विभिन्न संस्थानों में कई नियुक्तियां कर चुके हैं। अब ट्रंप ने अमेरिका की FBI (संघीय जांच ब्यूरो) के निदेशक की नियुक्ति की है। डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय मूल के गुजराती कश्यप ‘काश’ पटेल को यह जिम्मेदारी सौंपी है।
अमेरिका का सबसे बड़ी जांच एजेंसी है FBI
आपको बता दें कि FBI संयुक्त राज्य अमेरिका की सबसे बड़ी जांच एजेंसी है। FBI को संघीय अपराधों की 200 से अधिक श्रेणियों में जांच के अधिकार मिले हुए हैं। इसे दुनिया की सबसे ताकतवर और हाइटेक सुरक्षा एजेंसियों में से एक माना जाता है।
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I am proud to announce that Kashyap “Kash” Patel will serve as the next Director of the Federal Bureau of Investigation. Kash is a brilliant lawyer, investigator, and “America First” fighter who has spent his career exposing corruption, defending Justice, and protecting the…
— Donald J. Trump Posts From His Truth Social (@TrumpDailyPosts) November 30, 2024
डोनाल्ड ट्रंप के करीबी हैं काश पटेल
काश पटेल ट्रंप के काफी करीबी माने जाते हैं। ट्रंप ने शनिवार रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया, “मुझे यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि काश पटेल संघीय जांच ब्यूरो के अगले निदेशक के रूप में काम करेंगे। काश, एक शानदार वकील, जांचकर्ता हैं। वह पहले अमेरिकी सेनानी हैं।जिन्होंने अपना करियर भ्रष्टाचार को उजागर करने, न्याय की रक्षा करने और अमेरिकी लोगों की रक्षा करने में बिताया।”
ट्रम्प की राय के अनुरूप ही नहीं देश के लिए सही
यह विकल्प ट्रम्प की राय के अनुरूप ही नहीं देश के लिए सही है। एफबीआई और न्याय विभाग में अपने सबसे करीबी सहयोगियों को नियुक्त करके, ट्रम्प संकेत दे रहे हैं कि नियुक्तियाँ उनकी जांच करने के बजाय उनकी रक्षा करेंगी, ट्रम्प ने शनिवार रात लिखा, “पटेल ने रूस की धोखाधड़ी को उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और सच्चाई के लिए काम किया…” यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि क्या पटेल रिपब्लिकन के नेतृत्व वाली सीनेट के लिए भी चुने गए हैं।
उल्लेखनीय है कि 44 वर्षीय काश पटेल का पूरा नाम कश्यप प्रमोद पटेल है और उनका जन्म न्यूयॉर्क में हुआ था। उनका परिवार गुजरात के वडोदरा का रहने वाला है और वह पेशे से वकील हैं। ट्रम्प के पहले कार्यकाल के दौरान, उन्होंने राष्ट्रपति के उप सहायक और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में आतंकवाद विरोधी वरिष्ठ निदेशक के रूप में कार्य किया था।ट्रम्प के विश्वासपात्र काश पटेल 2017 में इंटेलिजेंस पर सदन की संसदीय चयन समिति के सदस्य रह चुके है।




