नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। मेटा के मालिक मार्क जकरबर्ग और अमेरिका के प्रेसिडेंट इलेक्ट डोनाल्ड ट्रंप के बीच सबकुछ ठीक होता नज़र आ रहा है। कभी ट्रंप के फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट्स पर बैन लगाने वाले मार्क जकरबर्ग अब उनके समारोह में 10 लाख डॉलर खर्च करने जा रहे हैं। जकरबर्ग के इस कदम को ट्रंप के करीब आने की कोशिश माना जा रहा है। बता दें कि पहले एक बार डोनाल्ड ट्रंप ने जकरबर्ग को जेल भेजने की धमकी दी थी।
कैसे आ गई थी ट्रंप और जुकरबर्ग में दूरी?
साल 2020 में हुआ प्रेसिडेंशियल इलेक्शन डोनाल्ड ट्रंप हार गए थे। जनवरी 2021 में US Capital के बाहर हिंसा हुई थी। इस हिंसा में डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों का हाथ था, इसे एक तरह के कू की कोशिश भी बताया गया था। इस घटना के बाद मार्क जकरबर्ग ने डोनाल्ड ट्रंप के फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट्स को सस्पेंड कर दिया था। इन अकाउंट्स को 2023 में दोबारा लाइव किया गया।
ट्रंप ने कई मौकों पर जुकरबर्ग पर निशाना साधा
हाल ही में अमेरिका में संपन्न हुए राष्ट्रपति चुनाव के दौरान देखने में आया कि मार्क जकरबर्ग ने चुनाव से पहले ट्रम्प का समर्थन नहीं किया था। हालांकि, जकरबर्ग ने ट्रंप पर हुए हमले का विरोध किया था और उनके लिए प्रार्थना भी की थी। हालांकि, इसके बाद भी ट्रंप ने कई मौकों पर जकरबर्ग पर जुबानी हमले किए।
ट्रंप के प्रति जुकरबर्ग का बदला रवैया
अब इन दोनों के संबंधों को लेकर अमेरिकी मीडिया ने कहा है कि मेटा का यह कदम ट्रंप के प्रति जकरबर्ग के रवैये में बदलाव का प्रतीक है। अब रिपब्लिकन व्हाइट हाउस और कांग्रेस दोनों पर नियंत्रण लेने की तैयारी कर रहे हैं, ऐसे में टेक कंपनी के सीईओ अपनी रणनीतियों में बदलाव कर रहे हैं। ट्रम्प के आलोचक रहे अमेज़न के संस्थापक जेफ बेजोस ने भी हाल ही में उन्हें जीत की बधाई दी थी। इससे पहले भी जकरबर्ग ट्रंप के साथ रिश्ते सुधारने के लिए मार-ए-लागो में प्राइवेट डिनर का आयोजन कर चुके हैं।




