नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी का फायदा उठाकर पाकिस्तान का नापाक इरादा घाटी के रास्ते आतंकियों को भारत में घुसपैठ कराने का है। हाल ही में पाकिस्तानी सेना, खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकी संगठनों के प्रमुखों के बीच एक बैठक हुई थी, इसमें कश्मीर का मुद्दा उठाया गया। जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ कैसे कराई जाए और ड्रोन के जरिए हथियार कैसे पहुंचाए जाएं, इस मुद्दे पर चर्चा हुई।
कश्मीर में सेना और सरकार के खिलाफ लगातार विद्रोह
इस मामले में सूत्रों से प्राप्त जानकारी में सामने आया है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में सेना और सरकार के खिलाफ लगातार विद्रोह की बात सामने आ रही है। ऐसे समय में पाकिस्तानी सेना और आईएसआई स्थानीय लोगों का दिमाग भटकाकर और कश्मीर मुद्दे को फिर से हवा देकर अपना फायदा तलाश रही है। इसके लिए 18 ट्रेनिंग कैंप और 37 लॉन्च पैड बनाए गए हैं, जिनमें करीब 200 आतंकी सक्रिय रूप से भारत में घुसने के लिए तैयारी कर रहे हैं। इन आतंकियों ने पाकिस्तान के आधिकारिक हिस्से में मीरपुर, कोटली, बिंबर, नीलम वैली, लीपा वैली जैसी जगहों पर अपने अड्डे बना लिए हैं। नियंत्रण रेखा पर भारत की ओर से सुरक्षा बल और आईबी अलर्ट मोड पर हैं। कश्मीर में इस समय भारी बर्फबारी हो रही है और पूरे देश से संपर्क टूट गया है। रेल यात्रा बंद कर दी गई है और यहां तक कि विश्वविद्यालय परीक्षाएं भी निलंबित कर दी गई हैं।
2024 में 25 बार LoC पर उल्लंघन का आरोप
दूसरी ओर पाकिस्तानी सेना ने भारत पर 2024 में 25 बार नियंत्रण रेखा (LoC) का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। साथ ही धमकी दी है कि अगर भारतीय सेना हमला करेगी तो हम तुरंत जवाब देंगे। पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने साल के अंत में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए यह आरोप लगाया। हालांकि, उन्होंने इन आरोपों के बारे में कोई ब्योरा नहीं दिया। प्रवक्ता ने कहा कि सुरक्षा बलों ने 2024 में कम से कम 925 आतंकवादियों को मार गिराया और लगभग 60,000 ऑपरेशनों में अपने 383 कर्मियों को खो दिया।
गौरतलब है कि पाकिस्तानी सेना मुख्य रूप से बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में चरमपंथ की चुनौतियों का सामना कर रही है। लेफ्टिनेंट जनरल ने दावा किया कि भारत ने 25 बार नियंत्रण रेखा (एलओसी) का उल्लंघन किया है और कई ‘झूठे अभियान’ चलाए हैं। इस शब्द का प्रयोग आम तौर पर फर्जी सैन्य कार्रवाई को संदर्भित करने के लिए किया जाता है, ताकि दोष दूसरे पक्ष पर मढ़ा जा सके।
प्रवक्ता ने दावा किया कि इस तरह के ऑपरेशन का विज्ञापन हमेशा भारत की विदेशी खुफिया एजेंसी आरओ (रिसर्च एंड एनालिसिस विंग) से संबंधित फर्जी सोशल मीडिया खातों के माध्यम से किया जाता था। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना किसी भी भारतीय शत्रुता का निर्णायक जवाब देने की क्षमता रखती है।जबकि सच तो यह है कि भारत दुनिया के विभिन्न मंचों पर यह साबित कर चुका है कि पाकिस्तान भारतीय क्षेत्र में आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। फिर भी पाकिस्तान भारत पर आरोप लगा रहा है, यह बिल्कुल अनुचित है।





