नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। फ्रांस के राष्ट्रपति एमैन्युएल मैक्रों अमेरिका दौरे पर थे। वॉशिंगटन में व्हाइट हाउस में मैक्रों और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मीडिया को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान रूस-यूक्रेन के तीन साल पूरे होने से जुड़ा सवाल पत्रकारों ने पूछा। ट्रंप जवाब में जो कह रहे थे उससे मैक्रों सहमत नहीं थे, इस लिए मैक्रों ने उन्हें बीच में ही रोका और अपना पक्ष रखा, हालांकि, ट्रंप भी मैक्रों की बात से असहमत लग रहे थे।
जी7 अर्थव्यवस्थाओं के साथी नेताओं के साथ वर्चुअल बैठक
मैक्रों ने यह भी जोर दिया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बातचीत ने एक रास्ता दिखाया है, भले ही ट्रांसअटलांटिक संबंधों में तनाव की आशंका हो। हालांकि मैक्रों ने यूक्रेन के लिए अमेरिका की ओर से मिलने वाली सुरक्षा गारंटियों की जरूरत पर जोर दिया।
गौरतलब है कि मैक्रों की यात्रा अटलांटिक पार संबंधों के भविष्य के बारे में गहरी अनिश्चितता के दौर में हो रही है। ट्रंप ने अमेरिकी विदेश नीति में बदलाव किया है और वे यूक्रेन में रूस के युद्ध को जल्द ही खत्म करना चाहते हैं। दोनों नेताओं ने युद्ध पर चर्चा करने के लिए जी7 अर्थव्यवस्थाओं के साथी नेताओं के साथ एक वर्चुअल बैठक की।
जेलेंस्की जल्द अमेरिका आएंगे
ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की जल्द ही अमेरिका आएंगे और एक समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। इससे अमेरिका को यूक्रेन के महत्वपूर्ण खनिजों तक पहुंच मिल जाएगी, जिनका उपयोग प्रमुख टेक्नोलॉजी में किया जाता है। यूक्रेन भविष्य की सुरक्षा गारंटी की भी तलाश कर रहा है। हालांकि, ट्रम्प ने यह नहीं बताया कि उभरते समझौते में अमेरिका के ऐसे आश्वासन शामिल होंगे।
संयुक्त राष्ट्र महासभा में अमेरिका का अलग रुख
इस बैठक से पहले संयुक्त राष्ट्र महासभा में रूस के खिलाफ प्रस्ताव पर अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच मतभेद सामने आए। अमेरिका ने इस मुद्दे पर अपने यूरोपीय सहयोगियों से अलग रुख अपनाया जिससे शांति वार्ता को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। राष्ट्रपति मैक्रों ने इस पर कहा कि यूरोप और अमेरिका को मिलकर काम करना होगा ताकि युद्ध को समाप्त करने के लिए एक विश्वसनीय समाधान निकाला जा सके।
दरअसल डोनाल्ड ट्रंप दावा कर रहे थे कि यूरोप के देश यूक्रेन को पैसे उधार में दे रहे हैं और किसी तरीके से वो उनसे पैसे वापस ले लेंगे। इस पर उन्हें रोकते हुए मैक्रों ने कहा, ‘नहीं, असल में ईमानदारी से कहूं तो जितना भी खर्च आया है उसका 60 प्रतिशत हमने दिया है।’ मैक्रों ने कहा कि जैसे अमेरिका लोन, गैरंटी, ग्रांट्स देता है, वैसे ही यूरोपीय देशों ने असली पैसा दिया है।
बता दें कि रूस और यूक्रेन युद्ध को लेकर डोनाल्ड ट्रंप रूस का समर्थन कर रहे हैं। कुछ वक्त पहले ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेंलेंस्की को एक तानाशाह बताया था और बिना चुनाव के राष्ट्रपति की गद्दी पर बैठने का आरोप लगाया था।
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President Macron humiliated Donald Trump on live television. He shut him up and fact checked him mid sentence.
Trump sat there and smiled. #StandWithUkraine pic.twitter.com/jRf1uifE9M
— Anonymous (@YourAnonCentral) February 24, 2025





