नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। इजरायल के साथ बढ़ते तनाव के बीच, भारतीय नौसेना के तीन युद्धपोत ईरान के बंदरगाह पहुंच गए हैं। भारत और ईरान की नौसेनाएं मिलकर फारस की खाड़ी में अभ्यास करेंगी। भारतीय युद्धपोतों का स्वागत ईरानी युद्धपोत जेराह ने किया।
कौन-कौन से युद्धपोत पहुंचे?
भारतीय नौसेना ने ईरान के लिए अपने तीन प्रशिक्षण युद्धपोत भेजे हैं: आईएनएस तीर, आईएनएस शार्दुल, और आईसीजीएस वीरा।
समुद्री सहयोग बढ़ाना मकसद
भारत और ईरान के बीच समुद्री सहयोग को बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है। इससे पहले, मार्च में ईरानी प्रशिक्षण फ्लोटिला जहाज बुशहर और टोनब मुंबई आए थे। फरवरी में, ईरानी जहाज डेना ने भारतीय नौसेना के अभ्यास में भी हिस्सा लिया था।
कैसे हैं भारत के रिश्ते
भारत के ईरान और इजरायल दोनों के साथ अच्छे संबंध हैं। इजरायल के साथ नजदीकी और ईरान के साथ अभ्यास को भारत की संतुलित विदेश नीति के रूप में देखा जा रहा है। हाल ही में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की थी। भारत ने ईरान के चाबहार पोर्ट पर भी बहुत बड़ा निवेश किया है।
भारत का साहसिक कदम
इजरायल के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान के साथ अभ्यास करना भारत का एक साहसिक कदम माना जा रहा है। इससे पहले, भारत ने यूक्रेन युद्ध के दौरान रूस से कच्चे तेल का आयात जारी रखा था। यह भारत की तटस्थ विदेश नीति का एक अच्छा उदाहरण है।
पहले चीफ और अब उत्तराधिकारी का किया खात्मा
इजरायल हिजबुल्लाह के बीच तनाव इतना बढ़ गया है कि उसका रुकना नमुमकिन-सा लग रहा है। इजरायल ने 27 सितंबर को हिजबुल्लाह के चीफ हसन नसरल्लाह को मार गिराया था। नसरल्लाह की मौत के बाद हिजबुल्लाह ने हाशेम सफीद्दीन को अपना उत्तराधिकारी बनाया था। अब खबर आ रही है कि इजरायल ने हसन नसरल्लाह के उत्तराधिकारी हाशेम सफीद्दीन को भी मार गिराया है। हाशेम सफीद्दीन का मरना हिजबुल्लाह के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।




