नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। भारत और कनाडा के रिश्तों में तनाव इस समय चरम पर है। हाल ही में कनाडा ने और बाद में भारत ने 6-6 राजनयिकों को देश छोड़ने के लिए कहा जिसके बाद से दोनों देशों की ओर से बयान देखने को मिले हैं। जहां एक तरफ कनाडा ने खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय राजनयिकों की भूमिका की होने की बात कही थी, वहीं भारत ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया।
भारतीय चैनल एनडीटीवी को दिए एक इंटरव्यू में कनाडा में भारत के मुख्य राजनयिक रहे संजय वर्मा ने कनाडा में मौजूद भारतीय छात्रों की सुरक्षा पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि 2023 के आंकड़ों के अनुसार, कनाडा में करीब 3,19,000 के भारतीय छात्र रहते हैं। खालिस्तान समर्थक इन्हें आसानी से टारगेट कर सकते हैं। कनाडा में नौकरियों की स्थिति अच्छी नहीं है, इसलिए भारतीय छात्रों को पैसे देकर प्रदर्शनों में ले जाना और अन्य अपराधों में शामिल किया जा सकता है। वर्मा ने कहा कि छात्रों और परिजनों को इस तरह के तत्वों से बचने की जरूरत है। संजय वर्मा के इस तरह के बयान का असर भारतीय छात्रों पर भी देखने को मिल रहा है।
भारत से कनाडा जाने वाले छात्रों की दुविधा ?
हरियाणा के अंबाला जिले में रहने वाले हरसिमरन सिंह अभी 12वीं कक्षा के विद्यार्थी हैं। वे ग्रेजुएशन की पढ़ाई कनाडा से पूरी करने की योजना बना रहे थे। जिसके लिए वो पिछले 2 सालों से लगातार तैयारी भी कर रहे हैं। लेकिन पिछले कुछ दिनों से दोनों देशों में जो विवाद देखने को मिल रहा है, इससे वो थोड़े निराश नज़र आ रहे हैं।
इस पर हरसिमरन बताते हैं, “मैं काफी दिनों से इस पर अलग-अलग चर्चाएं सुन रहा हूं। इसलिए मेरे मन में भी संशय पैदा हो गया है कि मुझे कनाडा जाना चाहिए या नहीं। ताज़ा हालातों को देख कर लग रहा है, ये थोड़ा जोखिमपूर्ण हो सकता है। इसलिए पैरेंट्स भी अन्य विकल्पों के बारे में सोच रहे हैं।”
बीबीसी में 24 अक्टूबर, 2024 को छपी खबर के मुताबिक, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने प्रवासियों की गिनती में कटौती करने का एलान किया है। इस खबर के मुताबिक कनाडा साल 2025 के लिए 21 प्रतिशत अप्रवासियों की संख्या कम करने की योजना बना है। कनाडा के प्रधानमंत्री ने कहा है कि वे कनाडा की कंपनियों पर नए नियम लागू करेंगे, जिसमें उन्हें ये बताना होगा कि वो कनाडा के लोगों को काम में तरजीह क्यों नहीं दे रहे हैं।





