back to top
25.1 C
New Delhi
Thursday, March 19, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

6 सितंबर को जब भारत ने पाकिस्तान के छुड़ा दिए थे छक्के, लाहौर तक घुस गई थी भारतीय सेना; पढ़िए यह रिपोर्ट

देश-दुनिया के इतिहास में 06 सितंबर की तारीख तमाम अहम वजह से दर्ज है। यह तारीख भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम के लिए भी याद की जाती है।

नई दिल्ली, हि.स। देश-दुनिया के इतिहास में 06 सितंबर की तारीख तमाम अहम वजह से दर्ज है। यह तारीख भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम के लिए भी याद की जाती है। यह ऐसी तारीख है जिसने पाकिस्तान के छक्के छुड़ा दिए थे। हुआ यह था कि भारत को आजाद हुए कुछ साल ही हुए थे कि दो बड़ी घटनाएं हुईं। 1962 में चीन से युद्ध हुआ और 1964 में जवाहरलाल नेहरू का निधन। चीन से युद्ध में हार की वजह से भारतीयों का मनोबल टूट चुका था। दूसरी तरफ जवाहरलाल नेहरू के निधन से भारत में नेतृत्व संकट पैदा हो गया था।

1965 को कश्मीर में घुसे

पाकिस्तान इसका फायदा उठाना चाहता था। उसने ऑपरेशन जिब्राल्टर की शुरुआत की। पाकिस्तान ने हजारों लड़ाकों को गुरिल्ला युद्ध की ट्रेनिंग दी गई। हथियारों से लैस यह लड़ाके पांच अगस्त 1965 को कश्मीर में घुसे। इनका पहनावा और रहन-सहन बिल्कुल कश्मीरियों जैसा था।

लड़ाकों को पकड़ने और मारने की जिम्मेदारी दी

कश्मीर के लोगों ने अपने बीच रह रहे पाकिस्तान के इन लड़ाकों को पहचान लिया और इसकी खबर भारतीय सेना को दे दी। भारतीय सेना ने शुरुआत में कई लड़ाकों को गिरफ्तार किया। भारत ने स्पेशल कमांडोज को इन लड़ाकों को पकड़ने और मारने की जिम्मेदारी दी। पाकिस्तान को लगा कि उसका यह प्लान फेल होने वाला है तो उसने भारत पर तोप के गोले दागना शुरू कर दिया। इसी के साथ भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध शुरू हो गया। पाकिस्तान ने कश्मीर के उरी और पुंछ जैसे इलाकों पर कब्जा कर लिया तो वहीं भारत ने पीओके में आठ किलोमीटर अंदर घुसकर हाजी पीर पास को अपने कब्जे में कर लिया। पूरे अगस्त में दोनों देशों के बीच युद्ध चलता रहा। एक सितंबर को पाकिस्तान ने ऑपरेशन ग्रैंडस्लैम लॉन्च किया, जिसका उद्देश्य भारत के लिए रणनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण अखनूर सेक्टर पर कब्जा करना था।

लाहौर और सियालकोट पर हमला किया

पाकिस्तान की इस चाल का जवाब देते हुए भारत ने छह सितंबर, 1965 को सरहद पार कर लाहौर और सियालकोट पर हमला किया। भारत की ओर से ये युद्ध की आधिकारिक शुरुआत थी। भारतीय सेना ने लगभग-लगभग लाहौर पर कब्जा कर ही लिया। कश्मीर पर कब्जा करने की उम्मीद से भारत में घुसा पाकिस्तान लाहौर को खोने ही वाला था। संयुक्त राष्ट्र के दखल के बाद 23 सितंबर को सीजफायर की घोषणा हुई। बाद में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री ने पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री अयूब खान के साथ ताशकंद समझौता किया।

Advertisementspot_img

Also Read:

सनी देओल ने किया खुलासा, फिल्‍म ‘लाहौर 1947’ का बदल सकता है टाइटल, जाने कब होगी रिलीज?

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्‍क । बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल इन दिनों अपनी हालिया रिलीज फिल्म 'बॉर्डर 2' की सफलता को लेकर चर्चा में हैं। यह...
spot_img

Latest Stories

Anant Singh Bail: दुलारचंद हत्याकांड में जेल में बंद अनंत सिंह आएंगे बाहर, पटना HC ने जमानत दी

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बिहार के मोकामा से बाहुबली विधायक...

Gold-Silver Rate: रिकॉर्ड हाई से औंधे मुंह गिरा सोने का भाव, चांदी भी जमकर टूटी, जानिए क्या है ताजा रेट

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। गुरुवार को सर्राफा बाजार में सोने...

केदारनाथ दर्शन के लिए जा सकेंगी Sara Ali Khan? मंदिर प्रबंधन ने कहा- ये मामला अलग है

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। हर साल चारधाम यात्रा में...

Chaitra Navratri 2026: मां दुर्गा के चमत्कार पर बनी ये फिल्में, नवरात्रि में जरूर देखें

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। आज नवरात्रि का पहला दिन...

रोज ट्रैवल के दौरान कैसे रखें स्किन का ध्यान? अपनाएं ये ट्रिक

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। ऑफिस के दौरान महिलाओं को...