India vs Bharat
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India vs Bharat की बहस के बीच वीरेंद्र सहवाग ने कह दी बड़ी बात, Amitabh Bachchan का ट्वीट हुआ वायरल

India vs Bharat: निमंत्रण पत्र पर 'प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया' की जगह 'प्रेसिडेंट ऑफ भारत' लिखे होने पर कांग्रेस ने इस दर्ज की कड़ी आपत्ति। अमिताभ बच्चन ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा 'भारत माता की जय'।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। जी20 समिट में राष्ट्रपति द्वारा भेजे गए डिनर निमंत्रण पत्र पर अब विवाद बढ़ता हुआ नज़ार आ रहा है। इस निमंत्रण पत्र पर 'प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया' की जगह 'प्रेसिडेंट ऑफ भारत' लिखे होने के कारण कांग्रेस ने इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज की है। राष्ट्रपति के इस डिनर निमंत्रण पत्र के बाद देश का नाम 'इंडिया' की बजाय 'भारत' करने की अटकलों ने जोर पकड़ लिया है।

अमिताभ बच्चन ने लिखा 'भारत माता की जय'

इस पूरे विवाद के बीच बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने अपने एक्स अकाउंट पर 'भारत माता की जय' लिखते हुए एक पोस्ट डाल दी। इस बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने बड़ी मांग करते हुए अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट लिख दी। उन्होंने मांग की है कि वर्ल्ड कप में टीम इंडिया की जर्सी पर 'इंडिया' की बजाय 'भारत' लिखा जाना चाहिए।

वर्ल्ड कप में टीम इंडिया की जर्सी पर लिखा हो भारत

वीरेंद्र सहवाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर मांग करते हुए लिखा की वर्ल्ड कप में टीम इंडिया की जर्सी पर 'इंडिया' की बजाय 'भारत' लिखा जाना चाहिए। उन्होंने इस पोस्ट में बीसीसीआई और उसके सचिव जय शाह को भी टैग किया है। सहवाग ने लिखा, 'मेरा हमेशा से मानना रहा है कि नाम ऐसा होना चाहिए जो हममें गर्व पैदा कर सके। हम भारतीय हैं। इंडिया नाम अंग्रेजों का दिया हुआ है और हमारे मूल नाम 'भारत' आधिकारिक तौर पर वापस पाने में लंबा समय लग गया है।' उन्होंने आगे लिखा कि वर्ल्ड कप में खिलाड़ियों की जर्सी पर भारत लिखा जाना चाहिए।

अब टीम इंडिया नहीं टीम भारत

सहवाग ने BCCI की पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए लिखा कि अब टीम इंडिया नहीं टीम भारत है। उन्होंने लिखा, 'इस वर्ल्ड कप जब हम कोहली, रोहित, बुमराह, जड्डू को चीयर करें तो हमारे दिल में भारत होना चाहिए और खिलाड़ी वो जर्सी पहनें जिस पर 'भारत' लिखा हो।' उन्होंने आगे एक और पोस्ट में लिखा कि 1996 का वर्ल्ड कप खेलने के लिए जब नीदरलैंड्स की टीम भारत आई थी, तब उसका नाम हॉलैंड था। लेकिन 2003 में जब हम मिले तब वो नीदरलैंड्स के नाम से ही खेल रहे थे। बर्मा ने भी अंग्रेजों का दिया नाम बदलकर म्यांमार कर लिया है। और भी कई देश अपने मूल नाम पर लौट रहे हैं। तो यदि हम ऐसा करते है तो इसमें किसी को कोई दिक्कत नही होनी चहिए।

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