back to top
21.1 C
New Delhi
Monday, March 23, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

RJ Election: राजस्थान में गुर्जर बढ़ा सकते हैं कांग्रेस की मुश्किलें, पायलट को CM नहीं बनाए जाने से नाराज

Rajasthan Election Live: राजस्थान में 2018 में चुनाव जीतने के बाद सचिन पायलट को मुख्यमंत्री नहीं बनाए जाने पर गुर्जर समाज अब कांग्रेस के खिलाफ लामबंद हो गया है।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क/हिस। राजस्थान में 2018 में चुनाव जीतने के बाद सचिन पायलट को मुख्यमंत्री नहीं बनाए जाने पर गुर्जर समाज अब कांग्रेस के खिलाफ लामबंद हो गया है। 2018 में पायलट के चेहरे पर कांग्रेस को जीत दिलाने का दावा करने वाले गुर्जरों ने बड़े पैमाने पर कांग्रेस को इस उम्मीद में वोट दिया था कि सचिन पायलट मुख्यमंत्री बनेंगे। उस संभावना के धूमिल होने के बाद पांच साल चली खींचतान के बीच अब कांग्रेस गुर्जर नेताओं को नियुक्ति और टिकट देकर साधने की कोशिश कर रही।

BJP को मिल सकता है फायदा

हालांकि चुनाव में दोनों नेता करीब आए हैं। कोई विवाद नहीं होने की बात कह रहे। अब एक फिर कांग्रेस ने पायलट को आगे करते हुए चुनाव में गुर्जरों की नाराजगी दूर कर वोट पाने की रणनीति बनाई है। यह कहना मुश्किल है कि इस बार गुर्जर कांग्रेस पर विश्वास करेंगे या नहीं, क्योंकि गहलोत के पायलट पर दिए गए बयानों से गुर्जर समाज का वोट कांग्रेस को जाएगा, इसको लेकर संशय है। अब समाज ने इसे अंदरखाने वादा खिलाफी बताते हुए कांग्रेस को चुनाव में सबक सिखाने की बात कही है। बीजेपी अब इसका फायदा चुनाव में उठाकर गुर्जर वोट साधने की जुगत लगा रही है। इसका फायदा बीजेपी को मिल भी सकता है।

गुर्जर समाज ने दिए कांग्रेस को 7 विधायक

विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस ने 12 गुर्जर समाज के प्रत्याशियों को टिकट दिया। 7 प्रत्याशी जीते थे। 2018 चुनाव में गुर्जर समाज से 8 विधायक जीत कर सदन पहुंचे थे। 7 प्रत्याशी कांग्रेस के टिकट पर जीत कर विधानसभा पहुंचे। जोगिंदर सिंह अवाना बीएसपी से जीतकर विधानसभा के सदस्य बने। सभी बसपा विधायकों का कांग्रेस में विलय कर लेने के बाद विधानसभा में 8 गुर्जर समाज के सदस्य हो गए।

गुर्जरों का 12 जिलों में दबदबा

12 जिलों में गुर्जर समाज का प्रभाव है। भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, जयपुर, टोंक, दौसा, कोटा, भीलवाड़ा, बूंदी, अजमेर और झुंझुनू जिलों को गुर्जर बाहुल्य क्षेत्र है।

2018 में गुर्जरों ने कांग्रेस के लिए की थी एकतरफा वोटिंग

विधानसभा 2018 के चुनाव में 9 गुर्जर प्रत्याशियों को टिकट देने के बावजूद बीजेपी के टिकट पर समाज का एक भी विधायक जीत दर्ज कर विधानसभा नहीं पहुंच पाया। क्योंकि गुर्जर समाज को यही उम्मीद थी कि कांग्रेस जीतती है तो पायलट सीएम बनेंगे। इससे यही साबित होता है कि गुर्जर समाज ने 2018 में पायलट के चेहरे पर कांग्रेस को सपोर्ट किया था ।

अन्य खबरों के लिए क्लिक करें:- www.raftaar.in

Advertisementspot_img

Also Read:

West Bengal Assembly Election 2026: TMC के लिए साख का सवाल बन रही है मुर्शिदाबाद सीट, पक्ष में नहीं रहे हैं चुनावी आंकड़े

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। West Bengal Assembly Election की 294 विधानसभा सीटों में से मुर्शिदाबाद विधानसभा सीट कई मायनों में अहम है, विशेषकर सत्तारूढ पार्टी...
spot_img

Latest Stories

सुबोध नाम का मतलब- Subodh Name Meaning

सुबोध नाम का मतलब – Subodh Name Meaning: Simple...

TT अगर रिश्वत मांगे तो तुरंत ऐसे करें शिकायत, बेहद आसान है तरीका

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। एक जगह से दूसरी जगह जाने...

West Bengal Assembly Election 2026: Diamond Harbour सीट पर BJP के लिए कड़ी चुनौती, TMC का रहा है दबदबा

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में...

अपने घर का सपना होगा पूरा, जानिए Pradhan Mantri Awas Yojana में कैसे करें आवेदन?

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। Pradhan Mantri Awas Yojana (PMAY) भारत...

Virat Kohli vs Rohit Sharma: IPL में बतौर ओपनर किसने सबसे ज्यादा रन जड़े हैं? आंकड़े देखकर हैरान हो जाएंगे

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। क्रिकेट लवर्स के लिए एक बार...

Google में नौकरी पाना है आसान, इस प्रॉसेस को फॉलो करेंगे तो इंटर्नशिप पर बरसेंगे लाखों रुपये

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। Google जैसी बड़ी और वैश्विक कंपनी...

असिस्टेंट प्रोफेसर बनना चाहते हैं लेकिन नहीं पता UGC NET दें या CSIR NET? जानिए दोनों में क्या है अंतर

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। जो छात्र असिस्टेंट प्रोफेसर बनना चाहते...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵