Same Sex Marriage: ग्रीस ने लिया ऐतिहासिक फैसला, Same Sex Marriage को दिया कानूनी दर्जा

Greece: ग्रीस ने गुरुवार को समलैंगिक विवाह कानून बनाने का ऐतिहासिक फैसला लिया। इस कानून को ग्रीस के प्रधानमंत्री क्यारीकोस मित्सोटाकिस का भी समर्थन मिला।
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नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। यूरोपीय देश ग्रीस की पार्लियामेंट ने समलैंगिक विवाह का कानून बनाकर ऐतिहासिक फैसला लिया है। ग्रीस की संसद ने बीते गुरुवार को समलैंगिक विवाह की अनुमति देने वाले बिल को मंजूरी दे दी है। यह LGBTQ+ अधिकारों के समर्थकों के लिए एक ऐतिहासिक जीत है। इस फैसले का संसद और एथेंस की सड़कों पर एकत्र लोगों ने खुशी के साथ स्वागत किया। यह कानून समलैंगिक जोड़ों को शादी करने और बच्चे गोद लेने का अधिकार देता है और यह सामाजिक रूप से रूढ़िवादी देश में विवाह समानता के लिए LGBTQ+ समुदाय द्वारा दशकों के अभियान के बाद आया है।

ग्रीस के प्रधानमंत्री ने LGBTQ+ कानून को दिया समर्थन

इस प्रस्ताव को ग्रीस की संसद में 300 में से 176 सांसदों का समर्थन मिला और इसके खिलाफ 76 सांसदों ने वोट दिया। ग्रीस के LGBTQ+ समुदाय को लंबे समय से इस कानून का इंतजार था। देश के नागरिकों ने इस ऐतिहासिक फैसले का स्वागत किया। ग्रीस के प्रधानमंत्री क्यारीकोस मित्सोटाकिस ने कहा, "यह मानवाधिकारों के लिए एक मील का पत्थर है, जो आज के ग्रीस को दर्शाता है ग्रीस एक प्रगतिशील और लोकतांत्रिक देश है जो यूरोपीय मूल्यों के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।"

लोगों की क्या है प्रतिक्रया?

एथेंस प्राइड के संस्थापक सदस्य एंड्रिया गिल्बर्ट जो ने इक न्यूज चैनल को बताया कि “हमने एक अदृश्य, हाशिए पर रहने वाले समुदाय के रूप में शुरुआत की। हमने सरकार को वोट देना जारी रखा। हमारे इनकम टैक्स का भुगतान किया। LGBTQ+ समुदाय का सकारात्मक प्रचार किया। यह कानून युवा जोड़ों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।” माता-पिता और बच्चों के अधिकार कानून की आधारशिला हैं, जो समान लिंग वाले जोड़ों को गोद लेने और माता-पिता बनने की मान्यता प्राप्त करने की अनुमति देगा।

समलैंगिक विवाह कानून से क्या आएगा बदलाव

हालांकि ग्रीस ने लगभग 1 दशक पहले वामपंथी सिरिज़ा सरकार के तहत समलैंगिक जोड़ों के लिए नागरिक भागीदारी की शुरुआत की थी। लेकिन उन संबंधों में बच्चों के केवल जैविक माता-पिता को ही कानूनी अभिभावक के रूप में मान्यता दी गई थी। अब समान लिंग वाले माता-पिता दोनों को अपने बच्चों के कानूनी माता-पिता के रूप में मान्यता दी जा सकती है। “नया कानून अंततः समान-लिंग वाले माता-पिता को समाज में समानता का अधिकार देगा।

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