Loksabha Seat: प्रियंका गांधी की एक कॉल ने सपा-कांग्रेस गठबंधन को टूटने से बचाया, इतनी सीटों पर बनी बात

Loksabha Election 2024: सपा और कांग्रेस में सीट बंटवारे को लेकर प्रियंका गांधी ने अहम भूमिका निभाई है। फोन पर लंबी बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कांग्रेस को यूपी में 17 सीटें देने पर राजी हो गए।
Akhilesh Yadav gave 17 seats to Congress
Akhilesh Yadav gave 17 seats to CongressSocial media

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। लोकसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर सपा और कांग्रेस में कई दिनों से चली आ रही तनातनी पर बुधवार को पूर्ण  विराम लग गया। इसमें प्रियंका गांधी ने अहम भूमिका निभाई। प्रियंका की एक कॉल ने इंडिया गठबंधन को टूटने से बचा लिया। अब यूपी में इंडिया गठबंधन घटक दल के रूप में कांग्रेस और सपा साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे। कांग्रेस के हिस्से में 17 सीटें आईं। इनमें अधिकतर उसकी परंपरागत सीटें हैं । शेष 63 सीटों पर सपा और अन्य घटक दल के उम्मीदवार मिलकर चुनाव लड़ेंगे। सीटों की सहमति के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि अंत भला तो सब भला।

कॉल ने गठबंधन टूटने से बचाया

उत्तर प्रदेश में राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा शुरू है।  इस न्याय यात्रा में पहले अटकलें लगाई जा रही थी कि अखिलेश यादव राहुल गांधी के साथ होंगे, लेकिन सीट के बटवारा का पेंच फंसा होने की वजह से अखिलेश ने किनारा कर लिया। प्रियंका गांधी यात्रा के दौरान शामिल नहीं रही,  क्योंकि वह बीमार थी, लेकिन अब वह यात्रा में शामिल होंगी। बीते बुधवार को सीट बंटवारे को लेकर प्रियंका गांधी ने अखिलेश यादव को फोन किया। लंबी चली बातचीत में अखिलेश यादव 17 सीटें देने पर सहमत हो गए। हालांकि कांग्रेस की तरफ से 20 सीटें मांगी जा रही थी, लेकिन सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इनकार कर दिया था। प्रियंका गांधी ने अखिलेश यादव से कहा कि हमें हमारे परंपरागत सीटें।  वापस दे दे । इसके बाद अखिलेश यादव ने सहमति जता दी। अब 17 सीटों पर कांग्रेस उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव लड़ेगी।

कांग्रेस को मिलेगा फायदा

पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की स्थिति उत्तर प्रदेश में क्या रही है या किसी से छिपी नहीं है। कांग्रेस भले 21% सीटों के साथ चुनावी मैदान पर उतरने वाली है यानी कुल 17 सीटों पर वह चुनाव लड़ेगी।  लेकिन यह भी उसके लिए फायदे का सौदा साबित हो रहा है। साल 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हालत बहुत खराब थी।  जो 1977 के बाद के सबसे निचले स्तर पर थी। जबकि 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस में दो सीटों पर ही सिमट कर रह गई थी। अब देखना यह होगा। एक बार फिर से राहुल गांधी और अखिलेश यादव की जोड़ी उत्तर प्रदेश में कमाल कर पाती है या फिर नहीं।

इन 17 सीटों पर बनी सहमति

अखिलेश यादव ने कांग्रेस को जो 17 सीटें दी है। उनमें, रायबरेली अमेठी देवरिया बाराबंकी सीतापुर फतेहपुर सीकरी, कानपुर , अमरोहा झांसी बुलंदशहर वाराणसी गाजियाबाद मथुरा बांसगांव प्रयागराज सहारनपुर और महाराजगंज लोकसभा क्षेत्र शामिल है। कांग्रेस आगामी लोकसभा चुनाव पर इन्हीं 17 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी।

अन्य खबरों के लिए क्लिक करें:- www.raftaar.in

अन्य खबरों के लिए क्लिक करें- Hindi News Today: ताज़ा खबरें, Latest News in Hindi, हिन्दी समाचार, आज का राशिफल, Raftaar - रफ्तार:

Related Stories

No stories found.