नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। इन दिनों पेरिस में ओलंपिक्स खेल चल रहे हैं। ऐसे तो ओलंपिक्स में कई भारतीय खिलाड़ियों ने भाग लेकर परचम लहराया है लेकिन आज हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसी जोड़ियां जिन्होंने अपनी कला का बेहतर प्रदर्शन किया और भारत को मेडल दिलवाए।
डोला बनर्जी और राहुल बनर्जी
यह दोनों भाई-बहन की जोड़ी तीरंदाजी में माहिर है। डोला ने 2004 और 2008 के ओलंपिक खेलों में भाग लिया था। जबकि राहुल 2012 के लंदन ओलंपिक में खेले थे।
ध्यानचंद और रूपसिंह
ये दोनों भाई खिलाड़ी हॉकी में माहिर थे। ध्यानचंद 1928, 1932 और 1936 में लगातार तीन ओलंपिक गोल्ड मेडल अपने नाम किए। रूप सिंह 1932 और 1936 ओलंपिक की भारतीय टीम का हिस्सा थे।
गीता और बबीता फोगाट
यो दोनों बहनें पहलवानी में महारत हासिल की हैं। इनमें से गीता 2012 के ओलंपिक में भारत की ओर से खेल चुकी हैं। जबकि बबीता 2016 के रियो ओलंपिक में भारतीय दल का हिस्सा रहीं थी।
वेस पेस और लिएंडर पेस
यह दोनों पिता पुत्र बेहतरीन खिलाड़ी रहे हैं। 1972 में म्यूनिख ओलंपिक में जिस भारतीय टीम ने मेंस हॉकी का ब्रॉन्ज मेडल जीता था वेस पेस उस टीम का हिस्सा रह चुके हैं। इस जीत के 24 वर्षों के बाद लियंडक पेस ने भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीता था।
साइना नेहवाल और पी कश्यप
इन दोनों में से साइना ने 2012 के ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता था जबकि पी कश्यप 2012 के लंदन ओलंपिक में मेंस सिंगल्स इवेंट के क्वार्टर फाइनल तक पहुंच गए थे। साल 2018 में दोनों ने शादी कर ली थी।
अतानु दास और दीपिका कुमारी
यह दोनों पति-पत्नी तीरंदाजी में माहिर हैं। वर्ष 2020 में टोक्यो ओलंपिक दोनों भारत की ओर से खेले थे। साल 2020 में ही दोनों ने शादी भी कर ली थी। अतानु 2020 ओलंपिक की मेंस इंडिविजुअल इवेंट के क्वार्टर फाइनल में हार गए थे। दीपिका वर्ल्डकप और कॉमनवेल्थ गेम्स सहित आर्चरी के कई बड़े टूर्नामेंट में गोल्ड जीत मेडल आपने नाम कर चुकी हैं।
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