नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । उत्तरप्रदेश में कावड़ यात्रा को लेकर बवाल शुरु हो गया है। पिछले साल भी कावड़ यात्रा को लेकर यात्रा के मार्ग में दुकानदार, होटलों, और ठेलों वालों के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई थी। इस बार भी सरकार ने आदेश दिया है कि सभी ढ़ाबा मालिकों को अपनी नेम प्लेट लगाना आनिवार्य होगा।
फिलहाल इस कड़ी में मुजफ्फरनगर जिले में स्वामी यशवीर जी महाराज ने कांवड़ यात्रा मार्ग में विशेष अभियान की शुरुआत की है। इसको लेकर उनके कार्यकर्ता दुकानों-ढाबों-होटलों आदि में चेकिंग कर रहे हैं। चेकिंग के माध्यम से वो ये सुनिश्चित कर रहे हैं कि कोई व्यक्ति फर्जी नाम/पते से तो अपनी दुकान नहीं चला रहा है। हालांकि, अब स्वामी यशवीर का ये अभियान विवादों में घिर गया है।
यशवीर पर आरोप है कि, उनके कार्यकर्ताओं ने पहचान साबित करने के लिए एक दुकानदार की पैंट उतरवाने की कोशिश की। इस मामले में पुलिस ने एक्शन लिया है। पुलिस के द्वारा स्वामी यशवीर जी महाराज की टीम के छह सदस्यों को नोटिस जारी किया गया।
‘नोटिस का जवाब जरुरी देंगे’
इस पुलिस का नोटिस मिलने के बाद यशवीर महाराज भड़क गए। उन्होंने पुलिस को खुली चुनौती दे डाली। और कहा कि जो नोटिस उनकी टीम के सदस्यों को दिया गया है, उसका जवाब जरूर दिया जाएगा, लेकिन यदि हमारे 6 हिंदू वीरों पर मुकदमा दर्ज हुआ तो हम इसका जबरदस्त तरीके से प्रतिकार करेंगे।
‘आंदोलन पूरे यूपी में होगा’
स्वामी यशवीर जी महाराज ने इसे पुलिस की तानाशाही बताया है और कहा कि यह हमारा आंदोलन सिर्फ मुजफ्फरनगर में नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में होगा। नोटिस मिलने से आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। आंदोलन प्रदेश से निकलकर पूरे देश में फैल जाएगा।
जिहादी गैंग के खिलाफ क्रांति प्रारंभ हो चुकी
यशवीर महाराज के मुताबिक- थूक जिहाद, मूत्र जिहाद और कई तरीकों से हिंदुओं की पवित्रता भंग की जा रही है। इस जिहादी गैंग के खिलाफ क्रांति प्रारंभ हो चुकी है जो अब खत्म नहीं होगी। उन्होंने कहा कि हम अब थूक-मूत्र गैंग के लोगों को सनातन धर्म के हिंदू देवी देवताओं के नाम का साइन बोर्ड लगाकर दुकान नहीं चलाने देंगे। इसके लिए चाहे जितना भी संघर्ष करना पड़े या फिर जेल ही क्यूं ना जाना पड़े।
‘कावडि़यों को पता होना चाहिए की दुकान किसकी है’
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने कांवड़ यात्रा में दुकानों, होटल और ढाबों पर नेम प्लेट लगाने के आदेश दिए हैं। इस क्रम में मुजफ्फरनगर के दिल्ली-देहरादून नेशनल हाइवे-58 के कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों पर नेम प्लेट जरुरी कर दिए है। इसको लेकर स्थानीय दुकानदारों ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान शिव भक्त कांवड़िए हरिद्वार से जल लेकर आते हैं। इसलिए जिस दुकान पर बैठकर वे खाना खाते हैं तो उन्हें यह पता होना चाहिए कि वह किसकी दुकान है।




