नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । देश के अगले उपराष्ट्रपति को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। वर्तमान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद संभावित उम्मीदवारों को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है। इन अटकलों को और हवा तब मिली, जब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बुधवार को दिल्ली में जेडीयू के राज्यसभा सांसद और केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर से उनके आवास पर मुलाकात की।
पिछले कुछ दिनों में राजनीतिक गतिविधियों ने नए समीकरणों को जन्म दिया है, जिससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार देश का उपराष्ट्रपति बिहार से हो सकता है। नड्डा और रामनाथ ठाकुर की इस मुलाकात को केवल शिष्टाचार भेंट न मानकर इसके राजनीतिक निहितार्थ निकाले जा रहे हैं। चर्चा यह भी है कि बीजेपी, जेडीयू के साथ मिलकर उपराष्ट्रपति पद के लिए साझा रणनीति बना सकती है।
एनडीए की ओर से उपराष्ट्रपति पद की रेस में रामनाथ ठाकुर का नाम आगे
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर के पुत्र और जेडीयू के राज्यसभा सांसद रामनाथ ठाकुर को लेकर उपराष्ट्रपति पद के संभावित चेहरे के तौर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से उनकी हालिया मुलाकात को लेकर सियासी हलकों में इसे बेहद अहम माना जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों के अनुसार, रामनाथ ठाकुर एनडीए की ओर से उपराष्ट्रपति पद के लिए प्रमुख दावेदार हो सकते हैं। इस खास बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण समेत कई अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे, जिससे मुलाकात को केवल औपचारिक मानना मुश्किल है। रामनाथ ठाकुर की पहचान एक सशक्त सामाजिक प्रतिनिधि के तौर पर है, जिनकी पकड़ बिहार से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक मानी जाती है। उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दोनों का भरोसेमंद सहयोगी माना जाता है। बीते वर्ष उनके पिता कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से सम्मानित किया जाना भी इस राजनीतिक समीकरण का एक अहम पहलू माना जा रहा है।
हरिवंश नारायण भी उपराष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल
जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के ठीक 24 घंटे के भीतर राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भेंट की, जिससे उनके नाम को लेकर अटकलें और तेज हो गई हैं। संभावित उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों की सूची में अब उनका नाम भी प्रमुखता से लिया जा रहा है। हरिवंश नारायण को अप्रैल 2014 में जेडीयू ने बिहार से राज्यसभा भेजा था। इसके बाद 9 अगस्त 2018 को वे पहली बार राज्यसभा के उपसभापति चुने गए और सितंबर 2020 में दोबारा इस पद पर निर्वाचित हुए।
उपराष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया शुरू
जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के दो दिन बाद भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने बुधवार को घोषणा की कि उसने उपराष्ट्रपति पद के चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आयोग ने संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा के निर्वाचित और मनोनीत सदस्यों को शामिल करते हुए निर्वाचक मंडल के गठन की प्रक्रिया तेज कर दी है। चुनाव आयोग के अनुसार, उपराष्ट्रपति चुनाव में इन सभी सांसदों को मतदान का अधिकार होगा। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि तैयारियां पूरी होते ही चुनाव कार्यक्रम की तारीखों की घोषणा कर दी जाएगी।





