नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार की राजनीति में राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा एक बार फिर चर्चा में हैं। बेटे दीपक प्रकाश को नीतीश सरकार में मंत्री बनाए जाने के बाद अब उनकी बहू साक्षी मिश्रा को भी किसी पद पर ‘एडजस्ट’ किए जाने की खबरों ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। हालांकि, उपेंद्र कुशवाहा ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए इन्हें बेबुनियाद बताया है। दरअसल, हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि उपेंद्र कुशवाहा अपनी बहू साक्षी मिश्रा को बिहार राज्य नागरिक परिषद में किसी अहम पद पर नियुक्त कराने की कोशिश कर रहे हैं। इन खबरों के सामने आने के बाद RLM के अंदर चल रहे असंतोष की चर्चाएं और तेज हो गईं। पार्टी के 4 में से 3 विधायकों के नाराज होने और कुछ कार्यकर्ताओं के दूसरी पार्टियों में जाने की खबरें पहले से ही सामने आ चुकी हैं।
उपेंद्र कुशवाहा ने क्या कहा?
इन खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए उपेंद्र कुशवाहा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि मीडिया में ऐसी खबरें देखकर उन्हें हैरानी हुई और तंज कसते हुए कहा कि “ऐसी फालतू खबरें भी मीडिया में चलती और बिकती हैं।” उन्होंने साफ तौर पर इन दावों को झूठा और प्लांटेड बताया।
पहले भी किया गया था इनकार
गौरतलब है कि जब दीपक प्रकाश को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी, तब साक्षी मिश्रा से भी राजनीति में आने को लेकर सवाल पूछा गया था। उस समय उन्होंने साफ कहा था कि फिलहाल ऐसा कोई प्लान नहीं है। उन्होंने यह भी कहा था कि राजनीति में अचानक कुछ नहीं होता और हर फैसला आपसी सहमति से लिया जाता है।
राज्य नागरिक परिषद को लेकर विवाद
बिहार राज्य नागरिक परिषद का गठन जून 2025 में किया गया था। इसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और संरक्षक राज्यपाल होते हैं। परिषद में दो उपाध्यक्ष, सात महासचिव और 21 सदस्य होते हैं। इनमें से एक उपाध्यक्ष का पद मधुबनी से विधायक बने माधव आनंद के कारण खाली हुआ है। इसी पद को लेकर साक्षी मिश्रा के नाम की चर्चा सामने आई थी।





