नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । महाराष्ट्र की सियासत में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दो गुटों शरद पवार की NCP (SP) और अजित पवार की NCP दोनों के विलय की अटकलें अब जोर पकड़ रही है। इसकी खास वजह शरद पवार के पोते और NCP के विधायक रोहित पवार का हालिया बयान है। इस बयान के बाद अजित पवार और शरद पवार के गुट के एकता के कयास चर्चा में है।
एनसीपी शरद पवार के पोते और पार्टी के नेता रोहित पवार के एक बयान से चर्चा तेज हो गई है। रोहित से हाल ही में मीडिया ने सवाल पूछा कि अजित पवार की एनसीपी और शरद पवार की NCP-SP के बीच एकता की क्या संभावना है। इस सवाल को रोहित ने खारिज नहीं किया बल्कि यह कहा कि इस पर अंतिम फैसला सुप्रिया सुले ही लेंगी।
रोहित के बयान के क्या है मायने
अब उनके विलय को लेकर इस तरह से साफ इनकार न करना और पूरी बात को सुप्रिया सुले पर छोड़ना मायने रखता है। इससे पहले रोहित पवार या फिर परिवार का कोई भी सदस्य विलय की बातों को नकार देता था। अब उन्होंने एकता की बात पर खुलकर जवाब नहीं दिया है तो इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं। और सियासी गलियारों में चर्चा भी हो रही है कि अंदरखाने कुछ चल रहा है। ऐसे में रोहित पवार ने कुछ भी साफ नहीं किया। रोहित पवार ने बस इतना ही कहा कि इस मुद्दे पर साहब ने सुप्रिया सुले को यह जिम्मेदारी दी है।
डेलिगेशन का हिस्सा हैं सुप्रिया सुले
फिलहाल, सुप्रिया सुले ऑपरेशन सिंदूर के तहत हुई कार्यवाई की जानकारी देने के लिए ऑल पार्टी डेलिगेशन का हिस्सा है और वह विदेशी दौरे पर है। सुप्रिया सुले 5 जून को वापस लौटेंगी। रोहित ने कहा कि अजित पवार गुट के साथ विलय को लेकर हमारे विधायकों या कार्यकर्ताओं के बीच कोई बात नहीं हुई। सुप्रिया सुले ही लौटने के बाद कोई फैसला लेंगी।
दरअसल, माना जा रहा है कि शरद पवार भाजपा और एनसीपी की अजित पवार के साथ गठबंधन पर विचार कर रहे हैं। लेकिन अब भी संदेह कायम है। इसकी वजह है कि शरद पवार का राजनीतिक रूप से चौंकाने का इतिहास। रोहित पवार ने कहा कि शरद पवार जब कुछ कहते हैं तो उसके गहरे मायने होते हैं।




