नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। हम अक्सर सुनते और देखते हैं कि बारिश की वजह से ट्रैफिक जाम हो जाता है। ये माना जाता है कि बारिश के चलते होने वाले जलभराव के कारण ट्रैफिक जाम होता है, लेकिन ये बात पूरी तरह से सच नहीं है। बारिश के बाद उन सड़कों पर भी जाम लग जाता है जहां जलभराव नहीं हुआ होता। तो फिर प्रश्न ये उठता है कि आखिर बारिश के चलते सड़कें क्यों जाम हो जाती है और इसके पीछे क्या कारण होता है? आइये जानते हैं।
जलजमाव है सबसे बड़ा कारण
बारिश के बाद जाम होने का सबसे बड़ा कारण सड़कों पर होने वाले जलभराव को माना जाता है। इससे निपटने के लिए सड़कों पर मैनहोल बनाये जाते हैं, लेकिन उनकी क्षमता सीमित होती है। जब मैनहोल की क्षमता से ज्यादा पानी अगर सड़क पर गिरता है तो मैनहोल निष्प्रभावी हो जाता है। हालांकि तब भी वो अपनी क्षमता के हिसाब से पानी को खींचता जरूर है, लेकिन वो काफी नहीं होता। वहीं जलजमाव के चलते सड़कों पर बने गड्ढे दिखाई नहीं देते। जिनसे बचने के लिए चालक अपने वाहन को धीमी रफ्तार से चलाता है। जिसके चलते ट्रैफिक जाम हो जाता है।
फिसलन भरी सड़कें
बरसात के दिनों में ट्रैफिक जाम उन सड़कों पर भी होता है जहां जलजमाव नहीं हुआ होता है। इसका सबसे बड़ा कारण होता है बारिश के चलते सड़कों पर होने वाली फिसलन। दरअसल बारिश के चलते सड़कें फिसलन भरी हो जाती हैं। जिसके चलते वाहनों की चाल धीमी हो जाती है। इसके अलावा बारिश के चलते दृष्यता में कमी हो जाती है। कोई दुर्घटना ना हो इसके चलते चालक वाहन को धीरे-धीरे चलाते हैं। जिसके चलते ट्रैफिक जाम हो जाता है।
ट्रैफिक लाइट्स का खराब होना
बारिश के कारण ट्रैफिक लाइट्स और सिग्नल्स में तकनीकी समस्याएँ आ जाती हैं, जिससे ट्रैफिक को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है। जिसके चलते ट्रैफिक अनियंत्रित हो जाता है और सड़क पर जाम लग जाता है। इसके अलावा बिजली की कटौती के कारण भी जाम लगता है। दरअसल ट्रैफिक लाइट्स बिजली से चलती हैं और बारिश के चलते बिजली की आपर्ति बाधित हो जाती है। जिसके चलते ट्रैफिक अनियंत्रित हो जाता है। वहीं बारिश में ट्रैफिक संभालने के लिए वहां पर कोई कर्मी का मौजूद नहीं होना भी ट्रैफिक जाम का सबसे बड़ा कारण होता है।
वाहनों का ब्रेकडाउन
बरसात में वाहनों के खराब होने की संभावना ज्यादा होती है। दरअसल सड़क पर जलभराव और फिसलन होने की वजह से वाहन पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। जिसके चलते वाहनों में ब्रेकडाउन की समस्या ज्यादा बढ़ जाती है और वो बीच सड़क पर खड़े हो जाते हैं। इस वजह से भी सड़कें जाम हो जाती हैं।
पैदल यात्रियों और चार पहिया वाहनों की संख्या में इजाफा
बरसात के दिनों में पैदल चलने वालों और चार पहिया वाहनों की संख्या में अचानक से इजाफा हो जाता है। बारिश के समय लोग छाते या बरसातियों के साथ सड़क पार करते हैं, जिससे ट्रैफिक धीमा हो जाता है। वहीं जो लोग दो पहिया वाहनों से अपने दफ्तर या काम पर जाते थे, वो लोग बरसात में कार या अन्य वाहनों का इस्तेमाल करते हैं। अचानक से इतने वाहनों की आवाजाही से ट्रैफिक पर एक्स्ट्रा प्रेशर पड़ता है। जिसकी परिणती ट्रैफिक जाम के रूप में होती है।
दुर्घटनाएं भी हैं जिम्मेदार
बरसात के समय सड़क दुर्घटनाएं ज्यादा होती हैं। दरअसल बरसात में जलजमाव, दृष्यता में कमी और फिसलन भरी सड़कों की वजह से अक्सर सड़क दुर्घटनाएं हो जाती हैं। जिसके चलते सड़क जाम हो जाती है।
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