नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। वक्फ संशोधन बिल पर संसद में जोरदार बहस छिड़ गई है। समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने इस बिल को लेकर बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह बिल बीजेपी की नाकामियों को छुपाने का एक नया तरीका है और इससे समाज में ध्रुवीकरण पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
अखिलेश यादव के बयान पर अमित शाह का पलटवार
अखिलेश यादव ने संसद में वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी अभी तक अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं चुन पाई है। उनके इस बयान पर गृह मंत्री अमित शाह तुरंत खड़े हो गए और जवाब दिया कि हम अपना अध्यक्ष ‘पारिवारिक राजनीति’ से नहीं चुनते।
1000 हिंदू कहां गए? अखिलेश यादव का बड़ा सवाल
अखिलेश यादव ने महाकुंभ 2025 की तैयारियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने बिना तैयारी के करोड़ों लोगों को आमंत्रित कर लिया, जिससे कई हादसे हुए। उन्होंने दावा किया कि एक हजार हिंदू लापता हैं और सरकार को उनका हिसाब देना चाहिए। सपा नेता ने बीजेपी पर धार्मिक भावनाओं को भड़काने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार वक्फ की जमीन लेकर अपने लोगों को देना चाहती है और इससे मुस्लिम समाज को उकसाने का प्रयास किया जा रहा है। अखिलेश यादव ने साफ कहा कि समाजवादी पार्टी इस बिल का विरोध करती है और जब वोटिंग होगी, तो वे इसके खिलाफ वोट डालेंगे। उन्होंने कहा कि यह बिल बीजेपी के लिए ‘वाटरलू’ साबित होगा, जहां नेपोलियन की हार हुई थी।
क्या कहती है सरकार?
सरकार का कहना है कि वक्फ संशोधन बिल पारदर्शिता लाने और अनियमितताओं को रोकने के लिए लाया गया है। बीजेपी के अनुसार, इससे वक्फ संपत्तियों का सही उपयोग होगा और किसी भी समुदाय के खिलाफ कोई भेदभाव नहीं किया जा रहा है। अब देखना होगा कि संसद में इस बिल पर आगे क्या रुख अपनाया जाता है और विपक्ष इसे रोकने में कितना कामयाब होता है।





