नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । तेलंगाना के नगरकुरनूल में श्रीशैलम डैम के पास निर्माणाधीन टनल की छत गिरने से 8 मजदूर फंसे हुए हैं। करीब 48 घंटे से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। अभी तक कोई सफलता नहीं मिली। मजदूर करीब 48 घंटे से टनल में फंसे हुए हैं। बचाव अभियान चल रहा है। लेकिन पानी और मलबा भरा होने की वजह से मजदूरों तक बचाव टीम नहीं पहुंच पाई है।
टनल में फंसे आठ मजदूर करीब 48 घंटे से भी ज्यादा का वक्त बीत चुका है, लेकिन अभी भी अधिकारियों के हाथ खाली है। इस पूरी घटना पर सीएम रेवंत रेड्डी नजर बनाए हुए है, वहीं बचाव अभियान में लगे अधिकारियों का कहना है कि टनल में फंसे 8 लोगों के बचने की काफी कम उम्मीद है। पीएम नरेंद्र मोदी ने राज्य के सीएम रेवंत रेड्डी से बातचीत की है और हालात का जायजा लिया है। हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया है।
टनल में कैसे फंस गए मजदूर?
यह टनल तेलंगाना के नगरकुरनूल के श्रीशैलम डैम के पास बनी हुई हे। शनिवार सुबह वर्कर्स को सूचना मिली कि टनल में पानी और मिट्टी लीक हो रही है। वहीं इस काम के लिए 8 लोगों की टीम इस लीक को ठीक करने के लिए पहुंची। इसी दौरान टनल की छत गिर गई। इस बीच कई लोग वहां से भाग निकले, लेकिन 8 लोग वहीं फंस गए। इस मजदूरों से अब तक कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है।
मजदूरों को निकालने के लिए क्या किया जा रहा है?
फंसे हुए मजदूरों को टनल से बाहर निकालने के लिए रैट माइनर्स को बुलाया गया है, इनके अलावा सेना, नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) और राज्य की एजेंसियां इस ऑपरेशन में जुटी हुई हैं। सभी को असिस्ट करने के लिए नेवी कमांडोज को भी बुलाया गया है। प्रशासन पूरी तरह से इस बचाव अभियान में प्रयासरत है।
क्या हैं बड़ी चुनौती ?
इस बचाव अभियान में लगे अधिकारियों का कहना है कि, फंसे हुए लोगों से बात करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। उनके बचे रहने की काफी कम उम्मीद है। रेस्क्यू करने वाली टीम आखिरी 100 मीटर तक पहुंच गई है, लेकिन वहां पानी और मलबा भरा हुआ है, जिससे बचाव कार्य में बाधा आ रही है।
बचावकर्मियों ने की अतिरिक्त उपकरणों की मांग
वहीं रिपोर्ट्स के अनुसार, बचावकर्मियों ने लोगों को टनल से बाहर निकालने के लिए अतिरिक्त उपकरणों की मांग की है। एक रिपोर्ट में कहा गया कि, सुरंग की दीवारों पर दरारें थीं, जहां से पानी बह रहा था। इसके अलावा, एक और चिंता का विषय पत्थरों के हिलने की आवाजें हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि टनल के ढहे हुए हिस्से की छत अभी भी अस्थिर है। इस वजह से अभी फंसे लोगों को निकलने काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, उन्हें बचाने की भरपूर प्रयास किया जा रहा है।





