नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । मेरठ से खबर है कि साइबर ठगों ने एक ऐसे युवक को अपना निशाना बनाया, जो शादी डॉट कॉम पर अपनी दुल्हन की तलाश कर रहा था। हालांकि उसे दुल्हन नहीं मिली, लेकिन इस दौरान ठगों ने उसके साथ लाखों रुपये की ठगी कर ली। यह युवक, जो एक कपड़ा व्यवसायी है, महिला से चैटिंग के जरिए जुड़ा और फिर ठगों ने फॉरन ट्रेडिंग के नाम पर उसे जाल में फंसा लिया। जैसे-जैसे बातचीत आगे बढ़ी, धोखाधड़ी भी बढ़ती गई और अंत में इस युवा कारोबारी ने अपनी मेहनत की कमाई लाखों में गंवा दी।
तीन महीनों में हुई 44 लाख की ठगी
मेरठ के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के पांडव नगर इलाके के रहने वाले शिवम मित्तल के साथ तीन महीनों में लगभग 44 लाख रुपये की ठगी हुई। शिवम मित्तल लालकुर्ती में साड़ी और कपड़ों का शोरूम चलाते हैं। शादी के लिए उन्होंने शादी डॉट कॉम पर दुल्हन तलाशना शुरू किया और इसी दौरान ठगों के जाल में फंस गए।
शिवम को यह नहीं पता था कि जिस लड़की के साथ उन्होंने शादी डॉट कॉम पर अपना बायोडाटा बनाकर चैटिंग शुरू की, वह एक ठग गिरोह की सदस्य थी। बातचीत आगे बढ़ती गई और उस लड़की ने शिवम को “डार्विनेक्स ग्लोबल सीएस कंपनी” का एक लिंक भेजा, जिसके जरिए उसे धोखाधड़ी के जाल में फंसाया गया। शिवम को शुरू में समझ नहीं आया कि वे ठगी का शिकार हो रहे हैं, लेकिन जब उन्हें असलियत का पता चला, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
अलग-अलग खातों में जमा कराए गए रुपये
शिवम मित्तल की शादी डॉट कॉम पर चैटिंग शुरू हुई लड़की ने उन्हें बताया कि वह “डार्विनेक्स ग्लोबल सीएस कंपनी” में एक शेयर मार्केट ट्रेडर है। उसने कहा कि अगर शिवम कंपनी में पैसा निवेश करेंगे तो कुछ महीनों में उनकी रकम दोगुनी या तीन गुनी हो जाएगी। शिवम ने शुरुआत में कंपनी के खाते में कुछ पैसे जमा कराए और उन्हें अच्छा मुनाफा भी दिखा।
लेकिन यही मुनाफा बाद में शिवम के लिए घातक साबित हुआ। उन्होंने कुल मिलाकर 24 अलग-अलग खातों में करीब 44 लाख रुपये जमा कर दिए। शिवम को खुशी थी कि उनकी रकम जल्द ही तीन गुना हो जाएगी, लेकिन वह इस बात से अनजान थे कि ये सब धोखे के अलावा कुछ नहीं था। ठगों ने शिवम से कहा कि उनकी रकम अब सवा करोड़ हो गई है, जिससे शिवम बेहद उत्साहित हो गए। जब उन्होंने पैसे निकालने की कोशिश की तो उन्हें बताया गया कि सरकार को टैक्स के तौर पर 20 लाख रुपये और जमा करने होंगे।
संदेह होने पर पिता को बताई पूरी कहानी
शिवम को जब इस पूरे मामले में संदेह हुआ, तो उसने अपनी पूरी कहानी अपने पिता विष्णु मित्तल को बताई। विष्णु मित्तल ने भी जब जांच-पड़ताल की, तो उन्हें स्क्रीन पर मुनाफे का दिखावा किया गया। उन्होंने डार्विनेक्स ग्लोबल सीएस कंपनी की जानकारी भी जांची, जहां सवा करोड़ रुपये की रकम दिखाई गई। लेकिन जब पैसे मिलने की बात आई तो ठगी का पता चला। इसके बाद शिवम और उनके पिता पुलिस के पास पहुंच गए।
विष्णु कुमार मित्तल ने बताया कि उनकी खून-पसीने की कमाई 44 लाख रुपये के लालच में चली गई। अब उन्होंने पुलिस से मदद मांगी है ताकि उनका पैसा वापस मिल सके। मामला बेहद गंभीर है और 44 लाख रुपये की ठगी से जुड़ा है। शिकायत मिलने के बाद साइबर सेल ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मेरठ के एसपी क्राइम, अवनीश कुमार का कहना है कि 44 लाख रुपये की ठगी का केस दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी गई है। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह गिरोह कौन है, कहां का है और उसने किन-किन लोगों को ठगा है।





