नई दिल्ली/रफ़्तार डेस्क। अगस्त का महीना भारत के लिए बेहद खास होता है। यह वही महीना है जिसमें हमें लंबे संघर्ष और हजारों लोगों के बलिदान के बाद अंग्रेजों से आजादी मिली थी। 15 अगस्त को पूरे देश में आजादी का जश्न मनाया जाता है। 15 अगस्त 2025 बस दहलीज पर ही है, वो दिन जब हर कोई अपने देश की आजादी का जश्न धूमधाम से मनाता है, लेकिन हर साल की तरह इस बार भी लोगों के मन में एक सवाल घूम रहा है कि क्या यह भारत का 78वां स्वतंत्रता दिवस होगा या 79वां? अगर आपके मन में भी यही उलझन है, तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि इस साल भारत कौन सा स्वतंत्रता दिवस मनाएगा।
बता दें, 15 अगस्त को लोग प्रधानमंत्री का भाषण सुनने के लिए लाल किले पहुँचते हैं। इस बार भी स्वतंत्रता दिवस की तैयारियाँ शुरू हो गई हैं। हर साल 15 अगस्त को एक सवाल ज़रूर उठता है कि इस बार कौन सा स्वतंत्रता दिवस है? इस बार भी लोगों के मन में यही सवाल है कि क्या यह भारत का 78वाँ स्वतंत्रता दिवस है या 79वाँ? आज हम इसी सवाल का जवाब देंगे।
भारत इस साल 15 अगस्त को अपना 79वाँ स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। आज़ादी के 78 साल पूरे होने पर यह जश्न 79वीं बार मनाया जाएगा, न कि 78वीं बार जैसा कि लोग अक्सर मान लेते हैं। जब हम 2025 में से 1947 घटाते हैं, तो आंकड़ा 78 आता है। ऐसे में कई लोगों को लगता है कि भारत को आज़ाद हुए 78 साल हो गए हैं, जबकि असल में यह गणना स्वतंत्रता दिवस की नहीं, बल्कि पूरे हुए सालों की है। इसलिए, इस वर्ष 79वाँ स्वतंत्रता दिवस मनाया जाएगा। हमारे लिए न केवल गणित, बल्कि इतिहास को समझना भी ज़रूरी है। गिनती शून्य से नहीं, बल्कि एक से शुरू होती है। भारत अपनी आज़ादी के 78 वर्ष पूरे होने पर अपना 79वाँ स्वतंत्रता दिवस मनाएगा।
भारत ने अपना पहला स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 1947 को मनाया था, जिस दिन देश आज़ाद हुआ था और उसी दिन पहली बार तिरंगा फहराया गया था। इसलिए, गिनती 1947 से ही शुरू होती है। यानी पहला स्वतंत्रता दिवस 1947 में मनाया गया था और दूसरा स्वतंत्रता दिवस 1948 में मनाया जाएगा। अगर सही गणना की जाए, तो यह स्पष्ट है कि भारत अपना 79वाँ स्वतंत्रता दिवस 2025 में मनाने जा रहा है। जो लोग इसे 78वाँ मान रहे हैं, वे दरअसल आज़ादी के वर्षों की गिनती कर रहे हैं।
स्वतंत्रता दिवस सिर्फ़ एक तारीख़ नहीं, एक एहसास है
हर साल 15 अगस्त सिर्फ़ आज़ादी का जश्न मनाने का दिन नहीं होता, बल्कि देश को आज़ाद कराने के लिए अपना सब कुछ कुर्बान करने वालों के बलिदान को याद करने का भी एक अवसर होता है। यह दिन हमें यह सोचने का भी मौका देता है कि क्या हम आज़ादी की क़ीमत समझ पा रहे हैं या नहीं। भारत इस साल अपना 79वाँ स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, यह सिर्फ़ एक संख्या नहीं, बल्कि देश की प्रगति और लोकतंत्र की रक्षा के लिए हर साल किए जाने वाले कठिन परिश्रम का प्रतीक है।





