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Sunday, March 15, 2026
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अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की धरती पर कब होगी वापसी? जानिए स्पेस स्टेशन से रवानगी की पूरी डिटेल्‍स

भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की धरती पर वापसी का समय आ गया है। आज सोमवार को शुभांशु धरती के लिए अपनी यात्रा पर रवाना होंगे।

नई दिल्‍ली, रफ्तार डेस्‍क । भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की धरती पर वापसी का समय आ गया है। सोमवार को शुभांशु धरती के लिए अपनी यात्रा पर रवाना होंगे। शुभांशु अपने 3 अन्य साथी के साथ पिछले 18 दिन से अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) में मौजूद हैं। यह सभी ‘एक्सिओम-4’ मिशन के तहत वहां गए हैं। 

भारतीय अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा की 1984 की यात्रा के बाद शुक्ला अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले दूसरे भारतीय अंतरिक्ष यात्री हैं। वह और उनके सहयोगी अंतरिक्ष यात्री भारतीय समयानुसार दोपहर लगभग 2 बजे ड्रैगन अंतरिक्ष यान में सवार होंगे तथा 2 घंटे बाद वापसी की यात्रा पर निकलेंगे।

इतने बजे पहुंचेगा एक्सिओम स्पेस

‘एक्सिओम स्पेस’ (Axiom Space) ने अपने एक बयान में कहा कि, ISS से अनडॉकिंग का समय सुबह 6 बजकर 5 मिनट (भारतीय समयानुसार शाम 4 बजकर 35 मिनट) से पहले निर्धारित नहीं है। बयान में बताया कि, पृथ्वी पर 22.5 घंटे की यात्रा के बाद चालक दल के कैलिफोर्निया तट पर केंद्रीय समय तड़के 4 बजकर 31 मिनट (भारतीय समयानुसार मंगलवार को अपराह्न 3 बजकर 1 मिनट) पर उतरने की उम्मीद है। 

रविवार को अभियान के 73 अंतरिक्ष यात्रियों ने शुक्ला, कमांडर पैगी व्हिटसन और पोलैंड के मिशन विशेषज्ञ स्लावोज उज्नान्स्की-विस्नीव्स्की एवं हंगरी के टिबोर कापू सहित एक्सिओम-4 मिशन के चालक दल के लिए एक पारंपरिक विदाई समारोह का आयोजन किया।

हो चुका है विदाई समारोह

एक्सिओम-4 मिशन के जरिए 4 दशकों से भी अधिक समय के बाद भारत, पोलैंड और हंगरी की अंतरिक्ष में वापसी हुई है। शुक्ला ने रविवार को ISS पर विदाई समारोह में कहा कि जल्दी ही धरती पर मुलाकात करते हैं। ड्रैगन अंतरिक्षयान का ISS से अलग होने की प्रक्रिया पूरी तरह से स्वचालित व्यवथा के तहत होगी। 

अनडॉकिंग के बाद, ड्रैगन इंजन आवश्यक ऊर्जा के लिए कुछ प्रक्रियाओं से गुजरेगा। ताकि वह सुरक्षित रूप से ISS से दूरी बनाए और पुनः प्रवेश की प्रक्रिया शुरू कर सके। आखिरी तैयारियों में कैप्सूल के ट्रंक को अलग करना और वायुमंडलीय प्रवेश से पहले हीट शील्ड को सही दिशा में रखना शामिल है। इस दौरान, अंतरिक्षयान लगभग 1,600 डिग्री सेल्सियस तापमान का सामना करेगा।

2 स्टेज में तैनात होंगे पैराशूट

पैराशूट 2 स्‍टेज में तैनात किए जाएंगे। पहले लगभग 5.7 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थिरीकरण पैराशूट और उसके बाद लगभग 2 किलोमीटर की ऊंचाई पर मुख्य पैराशूट तैनात होगा। ‘अनडॉकिंग’ के लगभग 22.5 घंटे बाद कैलिफोर्निया के तट पर यान के उतरने की उम्मीद है और अंतरिक्ष कैप्सूल को एक विशेष जहाज द्वारा वापस लाया जाएगा।

अपनी इस यात्रा के दौरान, और धरती पर वापसी को लेकर भारतीय अंतरिक्षा यात्री शुभांशु शुक्ला ने उस समय को याद किया जब उनके आदर्श राकेश शर्मा 41 साल पहले अंतरिक्ष की यात्रा पर गए थे और बताया था कि वहां से भारत कैसा दिखता था।

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