नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। भारत निर्वाचन आयोग ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से उनके आरोपों पर हलफनामा मांगा है, जिसमें सपा चीफ अखिलेश यादव ने उनका बचाव करते हुए ECI पर निशाना साधा है। जाने क्या कहा?
बता दें, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों पर भारत निर्वाचन आयोग की केंद्रीय समेत अन्य इकाईयों ने हलफनामे के तहत जवाब मांगा है। जहां आयोग के हलफनामा मांगने के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कांग्रेस नेता का बचाव करते हुए ECI पर निशाना साधा है जिसमें उन्होनें कहा, पहले आप पिछले हलफनामों का जवाब दे।
यूपी के पूर्व सीएम व सपा चीफ ने अखिलेश यादव ने भारत निर्वाचन आयोग से यह मांग सोशल मीडिया X पर की है। अखिलेश यादव ने पोस्ट में कहा कि चुनाव आयोग पहले पिछले एफ़िडेविट्स का जवाब दे जब हमने 18 हज़ार वोट कटने पर, शपथपत्र दिये थे तो क्या चुनाव आयोग ने उस मामले में कार्रवाई की। क्या कार्रवाई हुई?
फास्टेस्ट ट्रैक कोर्ट की आवश्यकता- अखिलेश
इसी के साथ अखिलेश यादव ने लिखा कि चुनाव संबंधित मामलों और मसलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट नहींफास्टेस्ट ट्रैक कोर्ट की जरुरत है। यहां भी समयबद्ध कार्यवाही और कार्रवाई होनी चाहिएतब ही लोकतंत्र बचेगा। चुनाव आयोग में क्या कोई सिटीज़न चार्टर नही होता है। इसपर कन्नौज सांसद ने लिखा कि चुनाव आयोग गति के संबंध में कच्छप का विपक्षी न बने।
अखिलेश ने अपनी पोस्ट में मीरापुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव की तस्वीर साझा करते हुए अपना पक्ष रखा है, जिसमें पहले 10 अगस्त को पत्रकारों से बात करते हुए सपा चीफ ने कहा कि बाई इलेक्शन में मुख्यमंत्री खुद बूथ लुटवा रहे थे। मीरापुर और कुंदरकी में जो कमिश्नर, डीएम और एसएसपी हैं वो वोट बढ़वाने के लिए अपनी फौज लेकर टहल रहे थे? वो एसएसपी घूम रहे थे कि वोट डालने के लिए बाहर मत निकलना घर से, क्या हमने आपने वो रिवाल्वर नहीं देखी जो महिलाओं पर तान दी गई थी।
इससे पहले लखनऊ में अखिलेश ने कहा था कि सबसे ज़्यादा फर्जी वोट बीजेपी ने बनवाए, जब उन्हें वोट की कमी पड़ गई तो जीतने के लिए उन्होंने पुलिस आगे कर दी। हम इलेक्शन कमीशन से शिकायत करते रहे लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की।





