नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। 7 मई की रात भारत द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को चौकन्ना कर दिया है। इसके बाद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं। दोनों देशों के बीच पूर्ण युद्ध की संभावना को अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। ऐसे तनावपूर्ण माहौल में देश की सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करने के लिए सेना में भर्ती प्रक्रिया तेज कर दी जाती है। आइये जानते हैं कि युद्ध के दौरान सेना में भर्ती की क्या प्रक्रिया होती है और किन चीजों में छूट दी जाती है।
दरअसल, जब देश युद्ध जैसी स्थिति का सामना करता है, तो सेना को तेजी से अतिरिक्त बल की जरूरत होती है। ऐसी परिस्थिति में सेना की भर्ती प्रक्रिया सामान्य दिनों की तुलना में तेज और लचीली हो जाती है। अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए भर्ती अभियान को व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जाता है और जनता को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित किया जाता है। युद्धकाल में कुछ विशेष प्रावधान लागू होते हैं। जैसे- उम्र सीमा में ढील, ट्रेनिंग की अवधि में कमी, और चयन प्रक्रिया को सरल बनाना। प्राथमिकता उन युवाओं को दी जाती है जो पहले से NCC, टेरिटोरियल आर्मी या रिजर्व फोर्स से जुड़े होते हैं। साथ ही, विशेष अभियानों के लिए वॉलंटियर भर्ती भी शुरू की जा सकती है।
भर्ती प्रक्रिया में लायी जाती है तेजी
युद्ध के समय भर्ती प्रक्रिया को गति दी जाती है। शारीरिक और चिकित्सकीय परीक्षण तेजी से पूरे किए जाते हैं ताकि सैनिक जल्द से जल्द सेवा के लिए तैयार हो सकें। अतिरिक्त भर्तियाँ की जाती हैं, और चयन प्रक्रिया में कुछ हद तक सरलीकरण भी किया जाता है। युद्धकाल में कई लोग स्वेच्छा से सेना में शामिल होना चाहते हैं। ऐसे लोगों को भर्ती प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाती है। इनके लिए प्रशिक्षण की अवधि को कम कर दिया जाता है, जिसमें विशेष रूप से हथियारों के उपयोग, बुनियादी सैन्य रणनीतियों और फील्ड कौशल पर ध्यान दिया जाता है।
उम्र और योग्यता में छूट
इस दौरान भर्ती के नियमों में कुछ विशेष छूट दी जाती हैं। जैसे-आयु सीमा में छूट, ताकि अधिक आयु के इच्छुक भी सेना में योगदान दे सकें। शैक्षिक योग्यता में छूट, खासकर उन लोगों के लिए जो जरूरी शिक्षा पूरी नहीं कर पाए लेकिन सेवा देने का संकल्प रखते हैं। विशेष कौशल रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता, जैसे मेडिकल, इंजीनियरिंग, संचार, या साइबर सेक्योरिटी से जुड़ी क्षमताएं। इसके अलावा युद्धकाल में अग्निपथ योजना के नियमों में भी आवश्यकतानुसार छूट दी जा सकती है, ताकि युवा तेजी से सेना में भर्ती होकर योगदान दे सकें।





