नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बीजेपी ने अपने लोकसभा सांसदों को व्हिप जारी कर शुक्रवार को सदन में अनिवार्य रूप से मौजूद रहने का निर्देश दिया है। यह व्हिप बजट सत्र के दौरान गिलोटिन प्रक्रिया लागू करने की तैयारी को लेकर जारी किया गया है। लेकिन यह गिलोटिन आखिर क्या है और सरकार को इसकी जरूरत क्यों पड़ी? आइए, आसान भाषा में समझते हैं।
व्हिप क्यों जारी किया गया?
लोकसभा में शुक्रवार को बजट पास किया जाना है, जो सरकार की प्राथमिकता होती है। बजट को बिना किसी रुकावट के पास कराने के लिए बीजेपी ने अपने सभी सांसदों को व्हिप जारी किया है। व्हिप का मतलब होता है कि सांसदों को किसी भी सूरत में सदन में मौजूद रहना होगा और पार्टी लाइन के अनुसार मतदान करना होगा। चूंकि विपक्ष के हंगामे की संभावना है, इसलिए सरकार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती।
गिलोटिन क्या है?
गिलोटिन एक संसदीय प्रक्रिया है, जिसका इस्तेमाल बजट सत्र में तब किया जाता है जब सरकार के पास समय कम होता है या विपक्ष बहस को लंबा खींचने की कोशिश करता है। गिलोटिन लागू होने का मतलब है कि बजट से जुड़ी बाकी अनुदान मांगों पर चर्चा किए बिना सीधा वोटिंग कर दी जाएगी। इससे सरकार यह सुनिश्चित कर पाती है कि बजट समय पर पास हो जाए और कामकाज बाधित न हो। गिलोटिन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे सरकार बिना देरी के बजट पारित करवा लेती है। हालांकि, विपक्ष इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताते हुए विरोध करता है, क्योंकि इससे बहस का समय कम हो जाता है।
शुक्रवार का दिन क्यों खास है?
21 मार्च को लोकसभा में गिलोटिन लागू किया जाएगा, जिससे बजट को जल्द से जल्द पास करने की योजना है। विपक्ष के हंगामे की संभावना को देखते हुए सरकार पूरी तैयारी में है और व्हिप जारी कर अपने सांसदों को पहले ही सतर्क कर दिया है। इससे यह साफ हो जाता है कि सरकार किसी भी कीमत पर बजट को बिना रुकावट पास कराना चाहती है। अब देखना होगा कि शुक्रवार को विपक्ष की क्या रणनीति होगी। क्या वे हंगामा करेंगे या फिर सरकार का विरोध किसी और तरीके से दर्ज कराएंगे? फिलहाल, सरकार के पास बहुमत है और गिलोटिन प्रक्रिया की मदद से बजट पास कराना लगभग तय माना जा रहा है।




