नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । बीजेपी नेता नितेश राणे ने देश को हिंदू राष्ट्र बनाने को लेकर एक बयान दिया है। पुणे में रविवार (29 जून) को मीडिया से चर्चा के दौरान भाजपा के नेता नितेश राणे ने कहा कि अगर विचारों में परिवर्तन के लिए भगवद्गीता की शिक्षाओं का प्रचार-प्रसार हर गांव मोहल्लों में किया जाए, वाकई में एक बड़ा बदलाव आएगा, जिससे हिंदू राष्ट्र का विचार मजबूत होगा।
नितेश राणे ने मीडिया से बातचीत में कहा कि, “भगवद्गीता की शिक्षाएं सद्भाव और विचारों के परिवर्तन को बढ़ावा देती हैं। इसका संदेश हर कस्बे गांव और कोने तक पहुंचना चाहिए। अगर इसकी शिक्षाओं को हर छोटे-बड़े कस्बों और मोहल्लों (मुस्लिम एरिया) तक पहुंचती हैं, तो उनके भी विचार बदल जाएंगे। इससे हमारा हिंदू राष्ट्र मजबूत होगा।”
भाषा विवाद पर क्या बोले राणे?
महाराष्ट्र में बीते दिनों से हिंदी भाषा को लेकर विवाद और विपक्ष के प्रदर्शनो पर मंत्री नितेश राणे ने कहा कि किसी भी भाषा को अनिवार्य नहीं बनाया जा रहा है। छात्र चाहें, तो तीसरी भाषा के रूप में संस्कृत चुन सकते हैं। इस दौरान, बीजेपी नेता ने कहा कि है कि, गीतकार जावेद अख्तर, अभिनेता आमिर खान या कांग्रेस नेता राहुल गांधी को कभी मराठी में बोलते नहीं सुना।
उद्धव-राज ठाकरे पर क्या कहा?
शिवसेना (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने स्कूलों में जबरन हिंदी ‘थोपने’ के खिलाफ 5 जुलाई को मुंबई में एक बड़ा संयुक्त मार्च निकालने की घोषणा पर नितेश राणे ने कहा, “बेहरामपाड़ा या मोहम्मद अली रोड जैसे इलाकों में रैलियां क्यों नहीं आयोजित होती है? ये वे स्थान हैं, जहां हिंदी बोली जाती है। जिस दिन मराठी में अजान दी जाएगी, हमें पता चल जाएगा कि भाषा के प्रति सच्चा सम्मान है।”
अजित पवार के बयान पर क्या कहा?
फडणवीस सरकार में मंत्री नितेश राणे ने यहां तक कहां कि, हिंदुओं के बीच विभाजन को बढ़ावा देने के बजाय, उन लोगों को मराठी सिखाने की कोशिश की जानी चाहिए, जो दशकों से मुंबई में रह रहे हैं, लेकिन जो इस भाषा को नहीं अपना सकें। डिप्टी सीएम अजित पवार द्वारा पांचवीं कक्षा से हिंदी शुरू करने की वकालत के बारे में पूछे जाने पर राणे ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस उपमुख्यमंत्री अजित पवार से बात करेंगे।





