नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। केरल और नॉर्थ-ईस्ट राज्यों में समय से पहले मानसून ने दस्तक दे दी है। केरल में झमाझम बारिश से तापमान में गिरावट मापी गई है। ऐसे में लोगों को बड़ी राहत मिली है। नॉर्थ-ईस्ट में भी मानसून के आने से भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिली है। मानसून शुरु होने से चावल की खेती की कटाई समय पर होगी।
चक्रवाती तूफान रेमल से आया मानसून
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा कि पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश से होकर गुजरने वाले चक्रवाती तूफान रेमल ने मानसूनी प्रवाह को बंगाल की खाड़ी की ओर खींच लिया है और यह नॉर्थ-ईस्ट में जल्दी शुरू होने का एक कारण हो सकता है। आखिरी बार ऐसा 2017 में हुआ था जब चक्रवात मोरा के कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून जल्दी आ गया था। जो आमतौर पर केरल में 1 जून और पूर्वोत्तर में 5 जून को आता है। मौसम कार्यालय के आंकड़ों से पता चलता है कि केरल में पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश हो रही है, जिसके कारण मई में भारी बारिश हुई है।
भारी बारिश से मणिपुर में मची तबाही
मणिपुर में भारी बारिश के कारण आई बाढ़ से सैकड़ों लोग प्रभावित हुए हैं। मणिपुर की राजधानी इंफाल में नदी के पानी का स्तर बढ़ने से कई इलाकों में पानी भर गया है। नदी का पानी सैकड़ों घरों में घुस गया है, जिससे कई हजार लोग प्रभावित हुए हैं। जिन्हें बचाव टीमों ने पास के सामुदायिक भवनों तक सुरक्षित पहुंचाया।
उत्तर भारत में मानसून के आने में 1 महीने की संभावना
दूसरी ओर, मानसून के जल्दी आने से भीषण गर्मी से राहत मिलने की संभावना है जिसके कारण कुछ उत्तरी और पश्चिमी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 50 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया है। IMD ने कहा कि भारत में जून में औसत बारिश होने की संभावना है, हालांकि अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली समेत उत्तर भारत में मानसून के आने में अभी 1 महीने की संभावना है।
खबरों के लिए क्लिक करें:- www.raftaar.in





