नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। केंद्र सरकार 5 अगस्त को संसद में वक्फ बोर्ड संशोधन बिल पेश करने जा रही है। कहा जा रहा है कि सरकार Waqf Board Amendment Act में बड़े बदलाव कर सकती है। हालांकि, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने वक्फ बोर्ड में किसी भी तरह के बदलाव का विरोध किया है। AIMPLB का कहना है कि वक्फ को लेकर किसी भी तरह का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वक्फ में क्या बदलाव कर सकती है सरकार?
रिपोर्ट्स की मानें तो सरकार 1995 के वक्फ बोर्ड कानून में संशोधन के लिए बिल पेश करने वाली है। कहा जा रहा है कि इस बिल के पीछे मकसद वक्फ बोर्ड के कामकाज में और जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही ये सुनिश्चित करना भी इस बिल का मकसद होगा कि वक्फ में महिलाओं की भागीदारी हो।
AIMPLB ने किया विरोध
इस विधेयक का ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड विरोध कर रहा है। AMPLB के प्रवक्त SQR इलियास ने सांसदों से मांग की है कि वो इस बिल को संसद में पास होने न दें। उन्होंने कहा, ‘ये साफ करना ज़रूरी है कि 2013 के वक्फ बोर्ड अधिनियम में कोई भी बदलाव जो वक्फ की संपत्तियों को प्रभावित करता है या सरकार या किसी भी शख्स के लिए इसे हड़पने को आसान बनाता है, उसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। वक्फ बोर्ड की शक्तियों को कम करने या उन पर प्रतिबंध लगाने को स्वीकार नहीं किया जाएगा।’
वक्फ बोर्ड ने सरकार पर लगाया बड़ा आरोप?
वक्फ बोर्ड का कहना है कि सरकार वक्फ अधिनियम में 40 से ज्यादा संशोधन करने जा रही है। इन संशोधनों के जरिए वक्फ की संपत्तियों और उनकी स्थितियों को बदलने की कोशिश की जा रही है। वक्फ का दावा है कि ये बदलाव वक्फ की संपत्तियों पर सरकार के कब्ज़े को आसान बना देगा। बोर्ड का कहना है कि बोर्ड के पास जितनी संपत्ति है वो उन्हें धार्मिक उद्देश्यों के लिए मुस्लिम परोपकारियों की तरफ से दान में मिली है।
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