नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। मुर्शिदाबाद में वक्फ कानून के विरोध में हुई हिंसा के बाद 16 अप्रैल को कोलकाता में बीजेपी ने ‘हिंदू शहीद दिवस‘ मनाया। इस कार्यक्रम में नेता विपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा। बीजेपी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का मकसद 12 अप्रैल को मुर्शिदाबाद में हुई हिंसक घटना में मारे गए हिंदू परिवार को श्रद्धांजलि देना था। इस हिंसा में एक ही परिवार के दो सदस्यों हरगोबिंद दास और उनके बेटे चंदन दास की कथित रूप से भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई थी। कुल तीन लोगों की जान गई थी।
“ममता को इस्तीफा देना चाहिए”: सुवेंदु अधिकारी
प्रेस से बातचीत करते हुए सुवेंदु अधिकारी ने कहा, “पूरा राज्य सड़कों पर है। हिंदू भावुक हैं, आक्रोश में हैं। हम कायर हिंदू नहीं हैं। हम स्वामी विवेकानंद को मानने वाले हिंदू हैं। ममता बनर्जी को पद छोड़ देना चाहिए, उन्हें जेल जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार हिंदुओं की आवाज को दबा रही है और यह घटना उनके शासन की विफलता को दिखाती है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मामले पर बुधवार को नेताजी इंडोर स्टेडियम में इमामों से मुलाकात के दौरान सफाई दी। उन्होंने कहा कि मुर्शिदाबाद के कुछ इलाकों में तनाव जरूर रहा, लेकिन इसे बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जा रहा है। हम हर धर्म का सम्मान करते हैं। मैं हाथ जोड़कर शांति की अपील करती हूं। भाजपा झूठी खबरें फैलाकर बंगाल को बदनाम कर रही है।” ममता बनर्जी ने बीजेपी पर राज्य में जानबूझकर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस हिंसा में “बाहरी लोग” शामिल थे और केंद्र की एजेंसियां इसमें सहयोग कर रही हैं। बॉर्डर की जिम्मेदारी बीएसएफ की है। राज्य सरकार को बदनाम करने के लिए साजिश रची गई।
राजनीतिक संघर्ष और सांप्रदायिक संतुलन का सवाल
मुर्शिदाबाद की हिंसा और उसके बाद उठी सियासी लहर ने राज्य की राजनीति में एक बार फिर सांप्रदायिक तनाव का मुद्दा खड़ा कर दिया है। एक तरफ बीजेपी इसे हिंदुओं के उत्पीड़न का मामला बता रही है, तो वहीं तृणमूल कांग्रेस इसे अफवाह और राजनीतिक साजिश करार दे रही है।
कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
इस मुद्दे पर राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सुवेंदु अधिकारी का कहना है कि अगर कोई इस तरह की धमकी देता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन बंगाल सरकार इस पर चुप्पी साधे हुए है।
आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई
गौरतलब है कि आज 16 अप्रैल से सुप्रीम कोर्ट में वक्फ संशोधन कानून को लेकर सुनवाई शुरू हो चुकी है। ऐसे में इमाम का यह बयान और भी विवादित हो गया है। अब देखना होगा कि कोर्ट का क्या फैसला आता है और राज्य सरकार इस वीडियो को लेकर क्या कदम उठाती है।





