नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा अब गंभीर रूप ले चुकी है। अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है और कई लोग घायल हुए हैं। पुलिस को स्थिति संभालने के लिए BSF सीमा सुरक्षा बल की मदद लेनी पड़ी है।
इंटरनेट सेवा बंद, 150 से ज्यादा गिरफ्तार
हालात को काबू में लाने के लिए प्रशासन ने मुर्शिदाबाद समेत चार जिलों — जंगीपुर, मालदा और बीरभूम के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं 15 अप्रैल की रात 10 बजे तक बंद कर दी हैं। पुलिस ने अब तक 150 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस ने बताया कि राज्य सरकार, केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय हालात पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि BSF की 9 कंपनियां, CRPF और RAF जैसे सुरक्षा बल पूरी तरह से तैयार हैं। उन्होंने साफ कहा कि उपद्रवियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
हिंदू परिवारों का पलायन, घरों में तोड़फोड़: शुभेंदु अधिकारी
विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि हिंसा के चलते कई हिंदू परिवार मुर्शिदाबाद के सुती, समसेरगंज, जंगीपुर, धुलियान और फरक्का से पलायन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि कुछ परिवारों ने पड़ोसी जिलों में शरण ली है। उनका कहना है कि कई घरों में लूटपाट और तोड़फोड़ हुई है, यहां तक कि पानी के कुओं में जहर तक मिला दिया गया। शुभेंदु अधिकारी ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि वे राहत सामग्री बांटने नहीं दे रहे। उन्होंने रामकृष्ण मिशन, भारत सेवाश्रम संघ और इस्कॉन जैसे संगठनों से अपील की कि वे पीड़ितों की मदद के लिए आगे आएं।
बंगाल में राष्ट्रपति शासन की मांग
शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि राज्य में निष्पक्ष चुनाव तभी संभव हैं जब वहां राष्ट्रपति शासन लागू हो। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सुकांता मजूमदार ने कहा है कि वह मालदा में शरण लिए हुए पीड़ित परिवारों से मिलेंगे और फिर मोथाबारी जाएंगे, जहां हाल ही में झड़पें हुई थीं। BSF के DIG PRO नीलोत्पल कुमार पांडे ने बताया कि स्थिति काफी तनावपूर्ण है और लोग डरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन के कहने पर BSF की 9 कंपनियां तैनात की गई हैं और सभी हॉटस्पॉट इलाकों में जवान तैनात हैं। बीजेपी नेता तरुण चुग ने ममता बनर्जी की तुलना जिन्ना से करते हुए कहा कि ममता की चुप्पी शर्मनाक है। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता सरकार अल्पसंख्यक तुष्टीकरण के नाम पर हिंदुओं की सुरक्षा से समझौता कर रही है।





